शहर की सीमा से सटे चांदपुर इंडस्ट्रियल इस्टेट की स्थिति बदहाल है। बुनियादी सुविधाओं के नाम पर टूटी सड़कें, बजबजाती नालियां हैं। उद्यमियों का कहना है कि खराब सड़कों के चलते तैयार माल बाहर नहीं जा पा रहा, तो कच्चा माल मंगाने में भी कठिनाई हो रही है। इससे उत्पादन पर भी असर पड़ रहा है।
गत दिनों निरीक्षण पर आए डीएम के निर्देश का भी असर नहीं हुआ है। चांदपुर-मंडुआडीह मार्ग तो पैदल चलने लायक भी नहीं है। सावन में गड्ढों में गिट्टी डालकर खानापूरी की गई। बारिश और बड़े वाहनों के आवागमन से और बड़े गड्ढे हो गए। इंडस्ट्रियल स्टेट के व्यापारी और उद्यमी मरम्मत के लिए अधिकारियों से कई बार गुहार लगा चुके हैं, लेकिन हालात नहीं सुधरे। यहीं हाल पुराने जीटी रोड के बाटा मोड़ से इंडस्ट्रियल क्षेत्र को जोड़ने वाले मार्ग का है।
उद्यमी राजेश भाटिया ने बताया कि सड़कें खराब होने से माल ले जाने के लिए कोई वाहन तैयार नहीं है। माल समय पर बाहर नहीं जा पा रहा है। इससे नुकसान हो रहा है। डीएम से लेकर संबंधित अधिकारियों से अनुरोध के बाद भी सड़क ठीक नहीं हुई। उद्यमी राजेश वर्मा का कहना है कि इंडस्ट्रियल इलाके में जीटी रोड से आने वाले दोनों संपर्क मार्ग ध्वस्त हैं। बाटा मोड़ वाली सड़क एक साल में ही पूरी तरह उखड़ गई। गिट्टी डालकर ही ठीक कर दिया गया होता तो बरसात में काम चलता।
इस बाबत डीएम विजय किरन आनंद का कहना है कि इंडस्ट्रियल इलाके में पिछले दिनों निरीक्षण के दौरान सड़क, बिजली की समस्या संबंधी शिकायत मिली थी। सड़क और जरूरी बुनियादी सुविधाएं बेहतर करने केनिर्देश दिए जा चुके हैं। जल्द सुधार होगा।