पूरा परिवार जुड़ा है इसी खेल से
शिवपाल सिंह ने कहा कि उनका पूरा परिवार भाला फेंक खेल से जुड़ा है। उनके पिता और चाचा बचपन में ही घर पर भाला फेंकते थे। उनका छोटा भाई नंदकिशोर सिंह भी भाला फेंक में छह बार नेशनल जूनियर चैंपियन रह चुका है। वह भी आगे की तैयारी कर रहा है। इसी तरह चाचा के बेटे विवेक सिंह और चाणक्य सिंह इटावा के सैफई स्पोर्ट्स कॉलेज में भाला फेंक की प्रैक्टिस कर रहे हैं।
गुरु रामप्रवेश को किया याद
ओलंपियाड के लिए चयन होने के बाद शिवपाल अपनों को भूलना नहीं चाहते। उन्होंने कहा कि वह पढ़ने में कमजोर थे। कक्षा में जब सवाल पूछने की बारी आती थी तो राम प्रवेश सर कहते थे तुमसे सवाल नहीं पूछूंगा, तुम तो जवेलिन थ्रोअर बनोगे। उनकी वाणी सच हुई और उनके आशीर्वाद से कामयाबी मिली। कहा कि मेहनत का नतीजा है कि आज देश के लिए खेलने का मौका मिला है।