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जो फतह करेगा सैयदराजा, वो बनेगा पूर्वांचल में क्षत्रियों का नया क्षत्रप

Sun, 12 Feb 2017 05:44 PM IST
पुष्पेन्द्र कुमार त्रिपाठी, अमर उजाला, वाराणसी
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vineet singh - फोटो : अमर उजाला
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चंदौली जिले का सैयदराजा विधानसभा क्षेत्र पूर्वांचल की ‘हॉट सीट’ बन गया है। इस सीट पर जरायम की दुनिया में कभी धुर विरोधी माने जाने वाले खेेमों में एक बार फिर आमना-सामना होने जा रहा है। इस सीट से भाजपा के घोषित प्रत्याशी सुशील सिंह मैदान में हैं तो बसपा ने पूर्व एमएलसी विनीत सिंह पर दांव लगाया है।
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सपा-कांग्रेस गठबंधन के सिटिंग विधायक मनोज सिंह डब्लू के लिए भी यह चुनाव नाक का सवाल है। क्षत्रिय उम्मीदवारों के ‘त्रिकोण’ और प्र्रभावशालियों के दखल से बदले समीकरणों ने यहां का चुनावी मुकाबला दिलचस्प बना दिया है।
पूर्वांचल की राजनीति के जानकार हों या सियासत में रुचि रखने वाले आम लोग, चर्चाओं के केंद्र में सबसे अधिक सैयदराजा विधानसभा सीट ही है। यहां से भाजपा प्रत्याशी सुशील सिंह जरायम की दुनिया से विधान परिषद पहुंचे बृजेश सिंह के भतीजे हैं।
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चंदौली की सकलडीहा विधानसभा सीट से वह विधायक चुने गए थे लेकिन इस बार पार्टी ने उन्हें सैयदराजा से उम्मीदवार बनाया है। खुद बृजेश पूर्व में सैयदराजा से चुनाव लड़कर हार चुके हैं।

वहीं, जरायम की दुनिया से सियासत तक पैठ बनाने वाले बसपा प्रत्याशी पूर्व एमएलसी विनीत सिंह को बृजेश खेमे का धुर विरोधी माना जाता है। विनीत की पत्नी प्रमिला सिंह मिर्जापुर की जिला पंचायत अध्यक्ष हैं।
 
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बाहुबली बृजेश सिंह के धुर विरोधी हैं विनीत सिंह

sushhel singh - फोटो : अमर उजाला
​उधर, पिछले चुनाव में सपा से टिकट न मिलने पर मनोज सिंह डब्लू ने निर्दल दावेदारी की थी और जीत हासिल कर सियासत के दिग्गजों को चौंका दिया था। सपा-कांग्रेस गठबंधन ने उन पर फिर भरोसा जताया है। बता दें कि सैयदराजा विधान सभा सीट 2012 के विधान सभा चुनाव में अस्तित्व में आई। इससे पूर्व इसका एक हिस्सा सदर विधान सभा और दूसरा भाग धानापुर विधान सभा में आता था। यह सीट अनुसूचित जाति प्रभावित मानी जाती है।

इसके बाद ब्राह्मण और राजपूत वर्ग के मतदाता आते हैं। सैयदराजा विधान सभा धानापुर और बरहनी ब्लाक को मिला कर बनाई गई है। इसमें सकलडीहा ब्लाक के भी बारह गांव आते हैं। इस चुनाव में तीन लाख 16 हजार 248 मतदाता यहां अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे, जिनमें एक लाख 73 हजार 961 पुरुष और एक लाख 42 हजार 265 महिलाएं हैं। 22 थर्ड जेंडर भी शामिल हैं।

वर्ष 2012 के चुनाव में यहां निर्दल प्रत्याशी मनोज कुमार सिंह ने प्रमासपा के उम्मीदवार ब्रजेश उर्फ अरूण कुमार सिंह को हराकर विजय प्राप्त की थी। विधान सभा का पहला विधायक बनने के बाद मनोज कुमार सिंह सपा में शामिल हो गए।

विधान सभा क्षेत्र के प्रमुख मुद्दों में बिजली, पानी और सड़क शामिल हैं। चंदौली को गाजीपुर जनपद से जोड़ने वाला सैयदराजा जमानियां मार्ग अभी भी कायाकल्प के इंतजार में है।

अधिकांश क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति के बाद से अब तक तारों को नहीं बदला गया। विधान सभा क्षेत्र के एक बड़े हिस्से में आज भी नहरों के टेल तक पानी नहीं पहुंचता है। वहीं अमड़ा में सौ बेड का सरकारी अस्पताल शो पीस बनकर रह गया है।
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