वाहन मालिक के साथ मिलकर करता था तस्करी
पूछताछ में विकास ने पुलिस को बताया कि उसने वाहन के पंजीकृत मालिक गंगाधर पांडेय के साथ मिलकर वाहन खरीदा था। दोनों आसपास के इलाकों से सस्ते दामों पर गोवंश खरीदने और छुट्टा पशुओं को एकत्र कर वाहन से उनकी तस्करी करने की योजना बनाते थे। 25 मार्च को भी वह छह गोवंश लादकर जा रहा था, लेकिन वाहन पास कराने वाले तस्कर से लोकेशन नहीं मिलने के कारण चेकिंग देखकर पिकअप छोड़कर भाग गया था।
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार विकास यादव पर सैयदराजा और हंडिया थाने में गोवध निवारण अधिनियम समेत तीन मुकदमे दर्ज हैं। उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
छह गोवंश मिले थे वाहन में
25 मार्च को पुलिस ने जेठमलपुर तिराहे पर लावारिस मिली पिकअप की तलाशी ली थी। डाले के किनारे प्लास्टिक के कैरेट लगाए गए थे। इन्हें हटाने पर छह गोवंश रस्सियों से बंधे मिले। सभी को बेहद क्रूरतापूर्वक वाहन में ठूंसा गया था। पुलिस ने वाहन को कब्जे में लेकर मुकदमा दर्ज किया था।
तीन मुकदमे दर्ज
गिरफ्तार विकास यादव पर सैयदराजा थाने में गोवध निवारण अधिनियम और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत एक मुकदमा दर्ज है। इसके अलावा हंडिया थाने में भी इसी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज है। तीसरा मुकदमा बीएनएस की धाराओं में दर्ज है। पुलिस के अनुसार इसी आपराधिक इतिहास और सैयदराजा के मामले में वांछित होने के चलते उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।