यूपी के परिवहन मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के पिछले महीने वाराणसी आगमन पर समीक्षा बैठक में अनुपस्थित एआरटीओ चंदौली राजेंद्र कुमार सरोज को काम में लापरवाही और उदासीनता के आरोप में सोमवार को निलंबित कर दिया गया। एआरटीओ के खिलाफ पहले भी अवैध वसूली और ओवरलोड वाहनों को शह देने की रिपोर्ट उपायुक्त परिवहन की ओर से भेजी गई थी। शासन से हुई कार्रवाई के बाद परिवहन विभाग में तरह तरह की चर्चाएं हैं।
26 जून को परिवहन मंत्री स्वतंत्र देव सिंह वाराणसी में समीक्षा बैठक के लिए पहुंचे थे। इस बैठक में चंदौली के एआरटीओ प्रशासन राजेंद्र कुमार सरोज अनुपस्थित थे। परिवहन मंत्री ने अनुपस्थिति का कारण पूछा तो मौजूद अधिकारियों ने बताया कि उन्हें सूचना दी गई थी।
इस पर मंत्री के कहने पर एआरटीओ प्रवर्तन ने अपने एआरटीओ को राजेंद्र कुमार सरोज को फोन पर परिवहन मंत्री की बैठक में अनुपस्थिति का कारण पूछा और उन्हें बैठक में शामिल होने को कहा तो दूसरी तरफ से आपत्तिजनक जवाब दिया गया। सूत्रों की माने तो एआरटीओ प्रशासन कार्यालय में भी शराब के नशे में धूत रहते थे।
इसके बाद एआरटीओ प्रवर्तन श्रीराम यादव ने शासन को रिपोर्ट दी, जिसमें आरके सरोज के खिलाफ काम में शिथिलता, उदासीनता और लापरवाही का आरोप है। इससे पहले परिवहन उपायुक्त की ओर से भी ओवरलोड वाहनों से अवैध वसूली सहित अन्य गैर विभागीय काम करने की रिपोर्ट भेजी थी। उन आरोपों का संज्ञान लेते हुए शासन ने चंदौली एआरटीओ प्रशासन राजेंद्र कुमार सरोज को निलंबित कर दिया है।