चौखंडी स्तूप की परिक्रमा करते केंद्रीय पर्यटन राज्य मंत्री
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धर्म और आध्यात्म की नगरी काशी को केंद्र और प्रदेश सरकार पर्यटन हब बनाने जा रही है। यहां की ऐतिहासिक विरासतों को सहेजने के साथ ही उन्हें पर्यटन के लिहाज से विकसित किया जा रहा है। गुरुवार को केंद्रीय पर्यटन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) केजे अल्फोंस पर्यटन योजनाओं का जायजा लेने के लिए वाराणसी पहुंचे। सारनाथ सहित अन्य क्षेत्रों का दौरा कर किया।
निरीक्षण को सारनाथ पहुंचे केंद्रीय पर्यटन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) केजे अल्फोंस के गुस्से का शिकार प्रशासनिक अधिकारियों को होना पड़ा। इस बार मामला जाम या गंदगी का नहीं था बल्कि अधिकारियों के देरी से पहुंचने पर केंद्रीय मंत्री नाराज हो गए। उन्होंने कहा कि वे दिल्ली से सारनाथ पहुंच गए और आप लोग यहीं के हो कर भी समय से नहीं पहुंच पाए।
पिछली बार काशी दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री अल्फोंस का जाम व गंदगी पर दिया गया बयान सुर्खियों में रहा। उन्होंने गंदगी और जाम को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों से नाराजगी भी जताई। इस बार नो वेहिकल जोन योजना को लेकर सारनाथ का निरीक्षण करना था। वे सारनाथ पहुंच गए पर जिलाधिकारी सहित कई अधिकारी मौके से नदारद रहे।
जब जिलाधिकारी सारनाथ पहुंचे तो उन्होंने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा, मैं दिल्ली से पहुंच गया और आप लोग यहीं लेट लतीफ हैं। स्तूप के निरीक्षण के दौरान भी केंद्रीय मंत्री ने छोटी-छोटी खामियों को लेकर एएसआई अधिकारियों से नाराजगी जताई।
बुद्धा थीम पार्क में बनेगी मल्टी स्टोरी पार्किंग
भगवान बुद्ध की उपदेश स्थली सारनाथ में पर्यटकों को वर्ल्ड क्लास सुविधा मिल सकें, इसको लेकर केंद्रीय पर्यटन राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार केजे अल्फोंस ने सारनाथ का निरीक्षण किया व कई आवश्यक निर्देश दिए। बुद्धा थीम पार्क में वाहनों की पार्किंग बनाई जाएगी। सामने ही वन विभाग की जमीन से एक कच्चा रास्ता (पाथवे) का निर्माण होगा।
इस संबंध में जिलाधिकारी व डीएफओ को क्रेंदीय मंत्री ने आवश्यक दिशा निर्देश दिए। पार्किंग और सामने ही रास्ता खुल जाने के बाद पर्यटक खंडहर परिसर होते हुए सीधे म्यूजियम पहुंच सकेंगे। इस रास्ते ई-कार्ट भी चलाया जाएगा। सुहेलदेव प्रतिमा के समीप ही वाहन पार्किंग बनाई जाएगी। दोनों पार्किंग शुरू होने के साथ ही म्यूजियम से लेकर वन्य जीव संरक्षण केंद्र तक वाहनों के संचालन पर रोक लगा दी जाएगी।
स्तूप की परिक्रमा की जा सके इसके लिए पाथवे निर्माण में आ रही अड़चन को बातचीत से सुलझाने और बीच का रास्ता निकालने की बात कही। स्तूप के पीछे निजी पार्क के लिए भी गेट खुलवाए जाने के निर्देश दिए। लगभग 1:45 पर मंत्री का काफिला पैदल ही चौखंडी स्तूप से सारनाथ म्यूजियम पहुंचा। आधुनिक स्वागत केंद्र को देखकर मंत्री ने कहा कि इसे तुड़वाकर यहां पर वाहन स्टैंड बनाया जा सकता है।
वहीं रोड के दोनों तरफ अतिक्रमण किए गए क्षेत्रों को मुक्त कराने का निर्देश दिया व बुद्धा थीम पार्क की तरफ बढ़ गए। पार्क में पहुंचकर केंद्रीय मंत्री ने यहां पर मल्टी स्टोरी वाहन स्टैंड बनवाने का निर्देश दिया। कहा कि यहीं से वन विभाग होते हुए पर्यटकों के लिए एक कच्चा पाथवे बनवाया जाए जिससे कि बिना लंबा चक्कर लगाए पर्यटक पुरातत्विक खंडहर परिसर जा सके।
साढ़े तीन किलोमीटर के निरीक्षण में छूटे अधिकारियों के पसीने
मिनी जू का निरीक्षण करते हुए मंत्री दल पर्यटन आवास गृह में अधिकारियों के साथ बैठक करने के बाद सर्किट हाउस के लिए रवाना हुआ। उन्होंने कहा कि विश्व में 500 मिलीयन बौद्ध अनुयायी हैं। हमें कुछ ऐसा करना चाहिए कि कम से कम 10 प्रतिशत अनुयाई सारनाथ आ सकें। सारनाथ में निरीक्षण करने के बाद वे प्रवासी भारतीय सम्मेलन के मद्देनजर ऐढ़े में बनाई गई टेंट सिटी को भी देखने गए।
केंद्रीय मंत्री जेके अल्फोंस ने लगभग साढ़े तीन किलोमीटर तक पैदल निरीक्षण किया। इस दौरान कई स्थानों पर वे आधे घंटे से भी ज्यादा देर तक निरीक्षण, अधिकारियों से चर्चा करते दिखे। ठंड में भी अधिकारियों के पसीने छूट गए।