बंद होने की बजाए गंगा में गिरने वाले नालों की संख्या बढ़ी
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गंगा की सफाई पर केंद्र और राज्य के मंत्रियों के अलग-अलग बोल सामने आए हैं। केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने कुछ दिनों पूर्व बयान दिया था कि गंगा में सीवर का एक बूंद गिरने नहीं दिया जाएगा। सीवर को एसटीपी के जरिए शोधित करने के बाद उसे लिफ्ट कर सिंचाई के लिए भेजा जाएगा।
वहीं शनिवार को वाराणसी आए नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि सीवर के पानी को शोधित कर गंगा में छोड़ा जाएगा। सुरेश खन्ना से सर्किट हाउस में सवाल किया गया कि केंद्र में सरकार बने ढाई साल हो गए लेकिन गंगा सफाई का काम नहीं दिख रहा है तो उनका कहना था कि प्रदेश की पूर्ववर्ती सपा सरकार केंद्र का सहयोग नहीं कर रही थी।
अब केंद्र और प्रदेश में दोनों जगहों पर भाजपा की सरकार है। जल्द ही काम देखने को मिलेगा।
नगर विकास मंत्री ने कहा कि सफाई को जीवन का हिस्सा बनाएं। जब तक लोग खुद नहीं जागेंगे तब तक राष्ट्रीय स्तर पर सफाई की मुहिम साकार नहीं की जा सकती।
हनुमान घाट स्थित कांच्चि कोटि काम कोटीश्वर मंदिर में भगवदपाद शंकर अन्नदान ट्रस्ट चेन्नई की ओर से सफाई के लिए पंचगंगा घाट को गोद लिए जाने के उद्घाटन समारोह को वह संबोधित कर रहे थे।
कहा कि जापान की जनता से हम सभी को सीखना होगा। देश और अपने शहर के लिए कुछ करना होगा। खुद झाड़ू लेकर सफाई करनी होगी।