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बलिया में बोले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री, अब 30 साल की उम्र में ही हर रोग की जांच

Sun, 10 Jun 2018 10:03 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बलिया
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कार्यक्रम को संबोधित करते जेपी नड्डा - फोटो : अमर उजाला
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केंद्रीय स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने शनिवार को कहा कि इलाज की नीति बदल दी गई है। अब 30 साल की उम्र में ही जांच कर बीमारियां होने के बारे में जानकारी कर ली जाएगी। इस नीति पर केंद्र सरकार कार्य कर रही है।
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केंद्रीय मंत्री बलिया के सहरसपाली में अखंड भारत आई हास्पिटल के ‘रजनीकांत केंद्र’ के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कुछ वामपंथी विचारधाराओं के कारण विचार बन गया कि सब कुछ सरकार ही करे। लेकिन, धीरे-धीरे समाज को यह सोचने के लिए विवश होना पड़ा कि वह भी कुछ करे।

अखंड ज्योति आई हास्पिटल ने यूपी और बिहार के इलाकों को अंधता मुक्त करने का जो बीड़ा उठाया है, वह सराहनीय है। इसमें जरूरत पड़ने पर सरकार भी सहयोग करेगी। सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त कर रही है। आने वाले दिनों में क्रांतिकारी परिवर्तन दिखेगा।
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अभी तक नीति थी कि पहले रोगी हो, फिर इलाज कर निरोग बनाएंगे। 2017 में सरकार ने नीति में परिवर्तन कर दिया। इसके लिए देश के सभी सब सेंटर पर जांच की व्यवस्था होगी, जहां 30 साल के लोगों की जांच कर पता लगाया जाएगा कि उन्हें कौन सा रोग हो सकता है। फिर इसका पहले ही इलाज कर लिया जाएगा।

अस्पतालों में मुफ्त डायलिसिस की व्यवस्था की गई है। अब तक देश के 495 जिला अस्पतालों समेत कुल तीन हजार 666 मशीनें लगाई गई हैं। अखंड ज्योति अस्पताल को पीपीपी मॉडल व सरकार की नीतियों के तहत गरीबों के इलाज के लिए केंद्र सरकार की ओर से हर तरह की मदद दी जाएगी।

डेढ़ लाख स्वास्थ्य उपकेंद्र बनाए जाएंगे निरोगी सेंटर 

अनुप्रिया पटेल - फोटो : अमर उजाला
अखंड भारत आई हास्पिटल के ‘रजनीकांत केंद्र’ के उद्घाटन समारोह के मौके पर केंद्रीय स्वास्थ्य व परिवार कल्याण राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि आम लोगों के स्वास्थ्य को लेकर केंद्र सरकार संजीदा है। अंधता दूर करने को लेकर सरकार की ओर से कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।

देश में डेढ़ लाख सब सेंटर जच्चा-बच्चा केंद्र के रूप में चलते हैं। 2022 तक सभी सेंटर पर निरोगी केंद्र चलेंगे। अनुप्रिया पटेल ने बताया कि इन केंद्रों पर कुल 12 तरह की जांच की सुविधा होगी। इससे ग्रामीण इलाके के लोगों को जांच और इलाज के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।

गरीबों के इलाज के लिए कार्यक्रम निर्धारित किए गए हैं। बताया कि अमृत फार्मेसी स्टोर खोल कर सस्ती दर पर लोगों को दवाएं मुहैया कराई जा रही हैं। 200 बेड वाले अस्पतालों को मेडिकल कॉलेज बनाने की योजना बनाई जा रही है।

आयुष्मान भारत योजना के तहत 50 करोड़ लोगों को पांच लाख का स्वास्थ्य बीमा मुहैया कराने की प्रक्रिया चल रही है और इसमें छह करोड़ लोग उत्तर प्रदेश के होंगे।

बलिया जिला अस्पताल को विशेष दर्जा

anupriya patel - फोटो : अमर उजाला
प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने का लगातार प्रयास किया जा रहा है। आने वाले दिनों में इसका असर दिखेगा। प्रदेश के 51 अस्पतालों को सुपर स्पेशियलिटी देने की तैयारी की गई है, इसमें बलिया के जिला अस्पताल को भी शामिल किया गया है।

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि जिला अस्पताल को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। डायलिसिस से लेकर सिटी स्कैन तक की भी सुविधाएं दी जाएंगी। प्रदेश के चुनिंदा अस्पतालों में 500 टूल लिटिल डाक्टर मशीनें लगेंगी। इसकी शुरुआत बलिया के जिला अस्पताल से होगी।

टूल लिटिल डॉक्टर मशीन से 12 मिनट में रोगियों की ब्लड से लेकर अन्य जांच आसानी से हो जाएगी। दावा किया कि जब सरकार बनी तो प्रदेश में 7200 चिकित्सकों की कमी थी और प्रयास कर करीब पांच हजार चिकित्सकों की तैनाती की गई है। जिले की स्वास्थ्य सेवा दुरुस्त रखने के लिए उपकरण खरीद के लिए 30 लाख रुपये मुहैया कराए गए।

जिला अस्पताल में रोगियों को ऑक्सीजन पाइप से मिले, इसके लिए गैस पाइप लाइन लगाने को साढ़े छह करोड़ तथा ट्रामा सेंटर के उपकरण के लिए 72 करोड़ की धनराशि मुहैया कराई गई है। जल्द ही लोगों को सुविधाएं मिलने लगेंगी।
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‘रजनीकांत केंद्र’ आंखों के रोगियों के लिए वरदान     

रजनीकांत केंद्र का उद्घाटन करते मंत्री - फोटो : अमर उजाला
अखंड ज्योति आई हास्टिपल के संस्थापक और ट्रस्टी मृत्युंजय तिवारी ने शनिवार को कहा कि ‘रजनीकांत केंद्र’ जनपद के नेत्र रोगियों के लिए वरदान साबित होगा। अब जनपद में ही कुशल टीम की मदद से आंखों की नि:शुल्क जांच, आपरेशन होगा और चार साल में जनपद अंधता मुक्त हो जाएगा।

मृत्युंजय तिवारी ने बताया कि पहले दिन 2200 मरीजों ने पंजीकरण कराया और इसमें से 700 को ऑपरेशन के लिए चिह्नित किया गया। ‘रजनीकांत केंद्र’ 100 बेड का होगा और दिसंबर से अत्याधुनिक मशीनों से आंखों की सर्जरी शुरू हो जाएगी। इलाज के 15 दिन बाद रोगी काम पर जा सकते हैं।

टाटा मोटर्स के मैनेजिंग डायरेक्टर और वाइस चेयरमैन रहे रविकांत ने पिता की याद में रजनीकांत केंद्र की स्थापना कराई है। इसका मुख्य उद्देश्य गरीब नेत्र रोगियों को रोशनी देना है। चार साल में बलिया जिले को अंधता मुक्त कर दिया जाएगा। आसपास के जिले मऊ व गाजीपुर के रोगियों का भी इलाज किया जाएगा।

इस दौरान सेनानी व दिल्ली प्रशासन के न्याय सचिव रहे रजनीकांत की प्रतिमा का अनावरण भी किया गया। इस मौके पर अखंड ज्योति आई हास्पिटल एडवाइजरी बोर्ड के चेयरमैन रविकांत और उनके छोटे भाई नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत भी थे।
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