सीमेंट व्यापारी के बेटे ने खुद ही रची थी अपहरण और फिरौती मांगने की साजिश
शेयर मार्केट में घाटा होने पर हो गया था 13 लाख रुपये का कर्ज, जैतपुरा थाना क्षेत्र की वारदात
पिता को चार बार व्हाट्स एप कॉल कर कहा था- 30 लाख रुपये दोगे तो तुम्हारे बेटे को सुरक्षित छोड़ देंगे
पुलिस ने सर्विलांस की मदद से युवक का पता लगाया, फिर बरामद किया
माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। जैतपुरा निवासी सीमेंट व्यापारी के इकलौते बेटे का अपहरण नहीं हुआ था। शेयर मार्केट में घाटा होने पर उसने 13 लाख रुपये कर्ज लिया था। तगादे से परेशान होकर वह घर से भाग गया था। इसके बाद अपने पिता को फोन कर कहा कि आपके बेटे का अपहरण कर लिया है। 30 लाख रुपये देने पर ही उसे छोड़ेंगे। यह खुलासा जैतपुरा थाने की पुलिस ने बृहस्पतिवार को गुड़गांव से युवक को उसके दोस्त के फ्लैट से बरामद करने के बाद किया।
जैतपुरा निवासी सीमेंट व्यापारी सतीश जायसवाल ने बुधवार को पुलिस को सूचना दी थी। जैतपुरा थानाध्यक्ष को उन्होंने बताया था कि उनका बेटा अमन जायसवाल (25) उनकी दुकान से मंगलवार की शाम से लापता है। चार बार व्हाट्स एप कॉल कर उनसे कहा गया कि 30 लाख रुपये दे दो तो तुम्हारे बेटे को सुरक्षित छोड़ दिया जाएगा।
इस संबंध में एडीसीपी काशी जोन सरवणन टी ने बताया कि घटना के खुलासे के लिए जैतपुरा थानाध्यक्ष बृजेश कुमार मिश्र के नेतृत्व में दरोगा जितेंद्र यादव और आलोक त्रिपाठी की टीम गठित की गई। जिस मोबाइल नंबर से अमन के पिता के पास फोन आया था, सर्विलांस की मदद से उसे ट्रैक किया गया। गुड़गांव के सेक्टर-27 स्थित एक फ्लैट से अमन को बरामद कर उसे उसके पिता को सौंप दिया गया है। उसे हिदायत दी गई है कि दोबारा ऐसा करेगा तो उसके लिए ठीक नहीं होगा।
नया सिम लिया, पीडीडीयू नगर जंक्शन से चढ़ा ट्रेन में
जैतपुरा थानाध्यक्ष ने बताया कि सीसी कैमरों की फुटेज की मदद से सामने आया कि गत सात जनवरी की शाम चार बजे बड़ी बाजार से अमन ने अपने नाम से एक नया सिम खरीदा। फिर, अपनी दुकान गया और वहां से घर गया। उसके एक दोस्त ने उसे दोपहिया वाहन से औसानगंज चौराहे पर छोड़ा। ऑटो से वह मैदागिन और वहां से कैंट स्टेशन गया। कैंट स्टेशन से ऑटो से पीडीडीयू नगर जंक्शन गया। वहां से पूर्वा एक्सप्रेस से वह गाजियाबाद तक गया। रात में अमन अपने पिता को दो बार व्हाट्स एप कॉल कर अपने अपहरण की कहानी बता कर 30 लाख रुपये की फिरौती मांगी। आठ जनवरी को अमन गाजियाबाद में ट्रेन से उतरा तो फिर दो बार अपने पिता को फोन कर फिरौती मांगी। इसके बाद गुड़गांव में रहने वाले अपने मोहल्ले के ही एक दोस्त को फोन किया और उसके फ्लैट के लिए निकला। इस बीच पुलिस को फिरौती मांगने वाले की लोकेशन मिल चुकी थी। पुलिस के संपर्क करने पर अमन के दोस्त ने भी बताया कि वह उसी के पास आ रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम गुड़गांव रवाना हुई और अमन को ले आई।
लापता होने से तीन दिन पहले चंदा जुटाने की रची थी कहानी
अपहरण और फिरौती की फर्जी कहानी गढ़ने से पहले अमन ने अपने परिजनों को एक अन्य तरीके से झांसा देने का प्रयास किया था। लापता होने से तीन दिन पहले उसने परिजनों को बताया था कि उसके एक दोस्त के पिता की किडनी खराब हो गई है। इलाज में लगभग 30 लाख रुपये खर्च आएगा। इसलिए सभी दोस्त आर्थिक सहयोग कर रहे हैं। वह भी अपने दोस्त की मदद करना चाहता है। मगर, अमन के परिजनों ने उसकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया। इसके बाद उसने अपहरण और फिरौती की फर्जी कहानी रच डाली।