बीते एक साल में रोजगार सृजन नहीं करने वाले रोजगार सेवकों के कार्य की समीक्षा शुक्रवार को सीडीओ पुलकित खरे ने अपने कार्यालय में की। खंड विकास अधिकारियों की रिपोर्ट में 50 रोजगार सेवक ऐसे पाए गए। जिन्होंने एक साल में बहुत कम काम किया था या फिर निष्क्रिय थे। इसलिए उन्हें निकालने का आदेश जारी किया।
चिरईगांव और हरहुआ में 3-3, बड़ागांव में 4, सेवापुरी, आराजीलाइन और चोलापुर और पिंडरा में 10-10 सहित कुल 50 रोजगार सेवकों को हटाने का निर्देश दिया। साथ ही रोजगार सेवकों को निर्देश दिया कि अधिक से अधिक रोजगार सृजन करें अन्यथा उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। मनरेगा के तहत रोजगार सृजन की समीक्षा में पाया गया कि 138 ग्राम पंचायतें ऐसी हैं। जहां रोजगार सेवक या मेट नहीं हैं। इसके लिए ग्राम प्रधानों को निर्देश दिया गया कि ग्राम पंचायतों की खुली बैठकें कराके योग्य लोगाें का चयन कर प्रस्ताव भेजे।
138 गांवों में जल्द की जाएगी तैनातीः आराजीलाइन के 10 गांव, बड़ागांव के 21, चोलापुर के 3, हरहुआ के 24, काशी विद्यापीठ के 69, और सेवापुरी के 11 गांवों में रोजगार सेवकों के पद खाली चल रहे हैं। इन गांवों में जल्द ही नियुक्ति की जाएगी।