दिव्यांशु ने बताया कि पिता के निधन के बाद घर की आर्थिक स्थिति भी कमजोर हो गई लेकिन मां ने इसे महसूस नहीं होने दिया और पढ़ाई को लेकर हमेशा सहयोग करती रही। दिव्यांशु ने कहा कि अब सीबीएसई बोर्ड से 12 वीं की परीक्षा उतीर्ण करने के बाद उसका लक्ष्य इंजीनियर बनने का है। उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग करने के बाद सबसे पहले वह सेना में जाने के लिए भाग्य की आजमाइश करेगा।