प्रभारी मंत्री के दौरे के बाद कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अलिखेश यादव की तरफ से सवाल उठने शुरू हुए, तब जाकर हादसे के चौथे दिन सोमवार को विभाग को खनन सुरक्षा अधिनियम की याद आई और आनन-फानन में सोमवार को अनुमोदित खनन योजना की अनदेखी कर सुरक्षा मानकों से खिलवाड़ का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराया गया।
जब खुद लगे घिरने तब याद आया सुरक्षा मानक
हादसे के बाद एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें खान अधिकारी केके राय सामने वाले व्यक्ति से 17 लाख में मामले को मैनेज करने और एफआईआर न कराने के लिए दबाव बनाते दिखे। रविवार को पूरे दिन इसको लेकर कमेंट, ट्रोल का दौर चला। प्रभारी मंत्री ने इस पर जांच का भरोसा दिया। कहा जा रहा है कि कहीं वायरल वीडियो गले की फांस न बन जाए, इसलिए हादसे के तीन दिन बाद अचानक से सुरक्षा मानकों की याद आ गई।
बारिश के चलते पत्थर हो गए थे ढीले, नहीं दिखाई संजीदगी
खनन से जुड़े जानकार बताते हैं कि जिस जगह हादसा हुआ, वहां दो खदानों की सीमा लगती है। घटना से दो दिन पूर्व हुई बरसात के कारण सीमा वाली दिवार पर उपर की तरफ कई बड़े पत्थर ढीले हो गए थे, जिसे खदान संचालकों ने नजरअंदाज किया। खदान में कार्य करवा रहे मेठों ने भी इसको लेकर लापरवाही बरती। बताया जा रहा है कि अगर विस्फोट की तैयारी से पहले ढीले हो चुके पत्थरों को गिरवा दिया गया होता तो शायद यह घटना न घटती।