बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल की इमरजेंसी में जूनियर डॉक्टरों की पिटाई के मामले में बुधवार की देर रात लंका थाने की पुलिस ने बलवा, मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट सहित अन्य गंभीर धाराओं में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। हालांकि किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
चीफ प्रॉक्टर के माध्यम से डॉक्टर सर्वेश कुमार वर्मा, मृत्युंजय कुमार, आदित्य, अमन सिंह, सिद्धार्थ वत्स, अमर्त्य सेठ, डाॅ. रजत सिंह ने लंका थाने की पुलिस को तहरीर दी। आरोप है कि इमरजेंसी में डयूटी के दौरान जूनियर और सीनियर रेजिडेंट को बेल्ट, लाठी, ठंडे से पीटा गया। चाकू से वार किया गया। दो महिला डॉक्टरों को भी पीटा गया। यह घटना सीसी फुटेज में कैद है। थाना प्रभारी अश्विनी पांडेय ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों को चिह्नित किया जा रहा है। तहरीर पर डिप्टी चीफ प्रॉक्टर प्रो. ललित मोहन अग्रवाल, डिप्टी एमएस प्रो. अंकुर सिंह, प्रो. धीरज किशोर के भी हस्ताक्षर हैं।
बीएचयू के सुपरस्पेशियलिटी ब्लॉक में हड़ताल की कवरेज करने गए एक वेब पोर्टल के पत्रकार को बाउंसरों ने पीट दिया। आरोप है कि बाउंसरों ने पत्रकार का मोबाइल छीन लिया। उसकी सोने की चेन भी लूट ली। पत्रकार की तहरीर पर लंका थाने की पुलिस ने बीएचयू अस्पताल की सुरक्षा में तैनात बाउंसर विकास सिंह व राहुल उपाध्याय सहित एक अज्ञात के खिलाफ बलवा, लूट व मारपीट का मुकदमा दर्ज कर लिया है। पत्रकार ओमकार नाथ की तहरीर के मुताबिक, यूराेलॉजी ओपीडी के बाहर खड़े बाउंसर एक मरीज के परिजन के साथ मारपीट कर रहे थे। इसकी कवरेज के दौरान बांउसरों और कुछ एमटीएस स्टाफ ने उसको पीटा है। लंका थाना प्रभारी ने बताया कि तहरीर के आधार पर तीन बाउंसरों पर मुकदमा दर्ज किया गया है।
बाउंसरों की तैनाती पर एबीवीपी ने जताई आपत्ति
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) बीएचयू इकाई के अध्यक्ष अभय सिंह ने बाउंसरों की तैनाती पर आपत्ति की और उन्हें हटाने की मांग की। उनका कहना है कि मरीज व उनके तीमारदारों के साथ आए दिन मारपीट की जा रही है। दूसरी तरफ कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने भी बाउंसरों की तैनाती को गलत बताया है।