अब पैसा वापस मांगने पर वह गालीगलौज करने के साथ ही जानमाल और फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी देते हैं। जितेंद्र सिंह विसेन कहते हैं कि पैसा भूल जाओ या फिर अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहो। उधर, इस संबंध में एसीपी दशाश्वमेध अवधेश कुमार पांडेय ने बताया तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर प्रकरण में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
हम अपने जीते जी ज्ञानवापी नहीं बिकने देंगे
विश्व वैदिक सनातन संघ के प्रमुख जितेंद्र सिंह विसेन ने कहा कि हमें इन लोगों से यही अपेक्षा थी। यह कितना भी प्रयास कर लें, ज्ञानवापी का कोई मुकदमा नहीं रुकेगा। हम अपने जीते जी ज्ञानवापी नहीं बिकने देंगे।
सोहन लाल आर्य और जितेंद्र सिंह विसेन साल भर पहले तक साथ-साथ हुआ करते थे। मां श्रृंगार गौरी के नियमित दर्शन-पूजन के साथ ही ज्ञानवापी में मौजूद अन्य देवी-देवताओं के विग्रहों की सुरक्षा की मुकम्मल व्यवस्था की मांग से संबंधित मुकदमा वाराणसी की जिला अदालत में जितेंद्र सिंह विसेन की अगुवाई में राखी सिंह और चार अन्य महिलाओं सीता साहू, मंजू व्यास, रेखा पाठक और लक्ष्मी देवी ने दाखिल किया था।
बीते साल ज्ञानवापी परिसर में एडवोकेट कमिश्नर ने कमीशन की कार्रवाई शुरू की तो हिंदू पक्षकारों में आपस में ही मतभेद शुरू हो गया। अब हालत यह है कि राखी सिंह और उनके पैरोकार जितेंद्र सिंह विसेन का एक अलग गुट हैं। वहीं, सीता साहू, रेखा पाठक, मंजू व्यास और लक्ष्मी देवी के साथ ही उनके पैरोकार सोहन लाल आर्य का अलग-अलग गुट है। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आए दिन आरोप लगाने के साथ ही कोर्ट में एक-दूसरे के खिलाफ खड़े नजर आते हैं।