उधर ज्ञानपुर विधायक विजय मिश्र ने आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि विधायक के बजाय उन्होंने जनता का सेवक बनकर काम किया है। यही कारण है कि चार बार जनता ने उन्हें सदन में भेजा। त्रिपाठी हमारे रिश्तेदार हैं।
2005 में उनकी माता जी को ब्लॉक प्रमुख बनाने में मदद की। 2016 में उनके भाई को ब्लॉक प्रमुखी के चुनाव में मदद की। आगे भी जब जरूरत होगी, उनकी मदद करता रहूंगा। वह गलतफहमी के शिकार हो गए हैं और किसी ने उनको गुमराह किया है। इसलिए वह ऐसी बातें बोल रहे हैं। कौन कितना भ्रष्टाचारी है, यह आने वाले समय में सामने आ जाएगा।