घोरावल तहसीलदार कोर्ट की पत्रावलियों के 14 बस्ते गायब होने के खुलासे के बाद महकमे में हड़कंप है। डीएम एस.राजलिंगम के निर्देश पर तहसीलदार विकास पांडेय ने संबंधित पेशकार और नाजिर के खिलाफ घोरावल थाने में शनिवार को धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं मेें केस दर्ज करा दिया। विभागीय स्तर पर भी जांच तेज कर दी गई है।
पुलिस के मुताबिक, तहसीलदार ने तहरीर दी है कि 22 दिसंबर 2019 को एसडीएम घोरावल प्रकाश चंद्र तहसील भवन के पीछे कैंटीन के एक कमरे की जांच की गई थी। कमरे में कुल 35 बस्ते में बंधी हुई हजारों पत्रावलियां खुली पाई गई थीं। ये पत्रावलियां एसडीएम न्यायालय की विभिन्न धाराओं एवं तहसीलदार कोर्ट के विभिन्न धाराओं के वाद की हैं, जो 2012 से 2019 तक की हैं।
दो जनवरी को कमरे के निरीक्षण में पाया गया कि 21 बस्ते ही उपलब्ध हैं। बाकी 14 बस्ते गायब पाए गए। कमरे का ताला भी तोड़ा नहीं गया था। उस कमरे की चाभी नायब नाजिर के पास रहती है।इसके बाद सुरक्षा की दृष्टि से कमरे का ताला सील कर दिया गया। तहसील के सीसीटीवी कैमरे भी बंद पाए गए।
लोगों की चर्चाओं पर गौर करें तो फाइलें गायब होने के तार उभ्भा गांव से भी जुड़े हैं। कोतवाल सीपी पांडेय ने बताया कि तहसीलदार की तहरीर पर पुलिस ने नायब नाजिर राजेंद्र प्रसाद और तहसीलदार न्यायालय के पेशकार अखिलेश चंद्र के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।