संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में शोध प्रवेश परीक्षा का परिणाम भी लटक गया है। 17 अप्रैल को हुई परीक्षा के परिणाम जारी नहीं होने से अभ्यर्थी परेशान हैं। विश्वविद्यालय में ग्रीष्म अवकाश होने के कारण सही जानकारी भी नहीं मिल पा रही है। परीक्षा के एक महीने बाद ही विश्वविद्यालय प्रशासन ने परिणाम जारी करने की बात कही थी, लेकिन अब तक इस पर कोई निर्णय नहीं हो सका है।
संस्कृत विश्वविद्यालय में विद्यावारिधि (पीएचडी) में प्रवेश के लिए प्रवेश परीक्षा 17 अप्रैल को डीएवी कॉलेज में आयोजित की गई थी। प्रवेश परीक्षा में 1175 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, लेकिन परीक्षा में 770 अभ्यर्थी ही पहुंच सके। 31 मई को परीक्षा समिति की बैठक में संकायाध्यक्षों ने शिक्षक व पुस्तकालयाध्यक्ष की परीक्षा में गड़बड़ी के कारण समिति का ही बहिष्कार कर दिया था। इसके बाद 16 जून को भी परीक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई, लेकिन पीएचडी प्रवेश परीक्षा पर कोई निर्णय नहीं लिया गया। प्रवेश परीक्षा दे चुके 770 अभ्यर्थी दो महीने से परिणाम के इंतजार में हैं। कुलपति प्रो. हरेराम त्रिपाठी का कहना है कि ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद परीक्षा के परिणाम जारी किए जाएंगे।