कैंसर मरीजों को अब काशी में भी विश्वस्तरीय तकनीक से बेहतर इलाज की सुविधा मिलेगी। इसके लिए टाटा मेमोरियल कैंसर हॉस्पिटल ने पहल की है। लहरतारा स्थित रेलवे कैंसर संस्थान व रिसर्च सेंटर तथा बीएचयू में निर्माणाधीन कैंसर रिसर्च सेंटर को प्रतिमाह तीन हजार मरीजों के अत्याधुनिक उपचार के लिहाज से विकसित किया जा रहा है।
यह सुविधा शुरू होने पर उत्तर भारत के उत्तर प्रदेश समेत आसपास के छह से अधिक राज्यों के मरीजों और उनके परिवारीजनों को मुंबई या कोलकाता की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। टाटा मेमोरियल दोनों स्थानों पर उच्चस्तरीय सुविधाएं मार्च, 2018 से पहले शुरू करने में जुटा है।
रेलवे कैंसर संस्थान और बीएचयू को संयुक्त रूप से विकसित किया जाएगा। दोनों जगह कैंसर रोगियों के लिए 370 बेड उपलब्ध रहेंगे। जरूरत पड़ने पर इनकी संख्या बढ़ाई भी जा सकती है। योजना को मूर्त रूप देने के लिए टाटा मेमोरियल कैंसर हॉस्पिटल के डॉ. पंकज चतुर्वेदी, डॉ. अंबुमणि, डॉ. कैलाश वाराणसी का दौरा कर चुके हैं।
पिछले दिनों टाटा मेमोरियल के चिकित्सकों के अलावा इंजीनियर, आर्किटेक्ट, हॉस्पिटल मैनेजमेंट एंड इनफार्मेशन सिस्टम की संयुक्त टीम ने रेलवे के कैंसर हॉस्पिटल का निरीक्षण किया था।
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तीन दिन रुकी टीम ने इस दौरान एक-एक कमरे का सर्वे किया। सुविधाओं और मशीनों की व्यवस्था का खाका तैयार किया जा रहा है। टीम ने रेलवे की इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रिक विंग से भी अपनी जरूरतें बताईं। दोनों संस्थानों में विशेषज्ञ चिकित्सकों व प्रशिक्षित स्टाफ की तैनाती की जाएगी।
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक इसके लिए रेलवे बोर्ड में पहले ही एमओयू सबमिट कर दिया गया है। अपग्रेडेशन के बाद अस्पताल के पास खुद की अत्याधुनिक मशीनें और ब्लड बैंक होगा। फिलहाल, एमआरआई सहित कई जांच और ब्लड की जरूरत मौजूदा कैंसर हॉस्पिटल दूसरी संस्थाओं के सहयोग से पूरा कर रहा है।
लहरतारा स्थित इंडियन रेलवे कैंसर संस्थान एवं रिसर्च सेंटर के निदेशक एसए खान ने कहा कि कैंसर रोगियों को सर्वोत्तम उपचार के लिए टाटा मेमोरियल के चिकित्सक और टेक्निकल टीम कई बार सर्वे कर चुकी है। रेलवे के अस्पताल के अपग्रेडेशन के लिए पूरी तैयारी है। हालांकि अभी कोई लिखित आदेश नहीं आया है।
पहले ब्लड और बच्चों के कैंसर का इलाज
वाराणसी में पहले ब्लड और बच्चों के कैंसर का इलाज शुरू होगा। टाटा मेमोरियल यहां बोन ट्रांसप्लांट की अत्याधुनिक मशीन भी लगाएगा। इसके अलावा बच्चों से जुड़े कैंसर के इलाज की ऐसी व्यस्था की जाएगी कि उसे पहले ही स्टेज में चिह्नित कर खत्म किया जा सके।
तैयार किए जाएंगे विशेषज्ञ चिकित्सक
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इस संस्थान के जरिए देश में कैंसर विशेषज्ञों की कमी भी दूर की जाएगी। पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स और डीएनबी (डिप्लोमा ऑफ नेशनल बोर्ड) से विशेषज्ञ डॉक्टर तैयार किए जाएंगे। योजना तैयार है। बीएचयू सहित स्थानीय फैकल्टी को भी शिक्षा के लिए शामिल किया जाएगा।
ये सुविधाएं मिलेंगी
- बोन ट्रांसप्लांट
- हाई डोज रेट ब्रेकीथेरेपी
- कैंसर एक्सरे मशीन
- लीनियर एक्सीलरेटर रेडिएशन थेरेपी
- सेंट्रल इंफार्मेशन सिस्टम (मरीज की सारी जानकारी होगी ऑनलाइन)
- टेली मेडिसिन
- सेंट्रली एयर कंडीशंड ब्लड बैंक
- एमआरआई
- स्टाफ रूम एंड हॉस्टल
- मॉडर्न फायर फाइटिंग सिस्टम