नागरिकता संशोधन कानून(सीएए), एनआरसी(राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर) और एनपीआर (राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर) के विरोध में मुस्लिम महिलाएं मंगलवार दोपहर बिलरियागंज के मौलाना जौहर अली पार्क में धरने पर बैठ गईं। इसकी अनुमति भी नहीं ली गई थी। सूचना पर पुलिस ने समझाया, न मानने पर जन प्रतिनिधियों की मदद ली गई लेकिन महिलाएं धरने पर अड़ी रहीं।
मंगलवार की शाम पांच बजे मौलाना ताहिर मदनी, पूर्व चेयरमैन मो. आरिफ ने भी समझाया। रात दस बजे क्षेत्रीय विधायक नफीस अहमद ने भी धरना खत्म करने की अपील की। रात एक बजे डीएम दूसरी बार पहुंचे और देर रात ढाई बजे तक महिलाओं को समझाने का प्रयास किया।
पुलिस के अनुसार, महिलाएं कई बार वापस जाने को हुई लेकिन पीछे गलियों में खड़े युवा उन्हें वापस भेज दे रहे थे। भोर में साढ़े तीन बजे पुलिस ने युवाओं को गिरफ्तार करने की कोशिश की तो उन्होंने पथराव शुरू कर दिया। इसके बाद महिलाएं वहां से भाग निकलीं। पथराव में एसपी सिटी, एक महिला और पांच पुरुष कांस्टेबल घायल हो गए। हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। फिर लाठीचार्ज कर उन्हें पार्क से खदेड़ दिया।