CAA: नागरिकता संशोधन कानून लागू होने के बाद वाराणसी में पुलिस टीम अलर्ट मोड में रही। पुलिस अधिकारियों ने मिश्रित आबादी वाले संवेदनशील इलाकों में फोर्स के साथ पैदल गश्त किया। बता दें कि बनारस में 2019-2020 में जबरदस्त विरोध हुआ था। एक बच्चे की जान भी गई थी।
नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) देश में लागू होने के बाद जिले में हाई अलर्ट घोषित किया गया है। केंद्र सरकार का नोटिफिकेशन सोमवार को जारी होते ही कमिश्नरेट की पुलिस हरकत में आ गई। पुलिस अफसरों ने मिश्रित आबादी वाले संवेदनशील इलाकों में फोर्स के साथ पैदल गश्त कर आमजन को शांतिपूर्ण तरीके से रहने को कहा।
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अफसरों ने हिदायत दी कि कोई अफवाह फैलाएगा या माहौल बिगाड़ने का प्रयास करेगा तो पुलिस उसके साथ सख्ती से पेश आने में देरी नहीं करेगी। सीएए-एनआरसी के विरोध में वर्ष 2019 के आखिरी और 2020 की शुरुआत में शहर के अलग-अलग इलाकों में जबरदस्त विरोध प्रदर्शन हुआ था। 20 दिसंबर 2019 को बजरडीहा इलाके में पथराव, लाठीचार्ज और भगदड़ के दौरान घायल हुए आठ वर्षीय मोहम्मद सगीर की मौत हो गई थी।
बेनियाबाग और बजरडीहा जैसे इलाकों में पथराव के बाद स्थिति नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा था। इसके साथ ही मोबाइल इंटरनेट सेवा पर रोक लगा दी गई थी। भेलूपुर, चेतगंज और चौक थाने में पुलिस की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमों के आधार पर 100 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
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इन पुरानी घटनाओं के मद्देनजर कमिश्नरेट की पुलिस के स्तर से अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। पुलिस कमिश्नरेट के आला अफसरों ने लोकल इंटेलिजेंस यूनिट को माहौल की लगातार टोह लेने के लिए कहा है। सभी चौकी इंचार्जों, थानाध्यक्षों और एसीपी को कहा गया है कि वह अपने क्षेत्र की हर छोटी-बड़ी घटना पर मौके पर जरूर पहुंचे। इसके साथ ही संभ्रांत लोगों के संपर्क में लगातार रहें और उनके माध्यम से शांति व कानून व्यवस्था को बरकरार रखें।