Varanasi News: राष्ट्रीय दिव्यांग शतरंज चैंपियनशिप में रजत पदक जीत कर अक्षत काशी के पहले अंतरराष्ट्रीय रेटेड दिव्यांग शतरंज खिलाड़ी बन गए। उनकी स्टैंडर्ड फिडे रेटिंग 1622 हो गई है।
काशी के अक्षत राष्ट्रीय दिव्यांग शतरंज चैंपियनशिप में रजत पदक जीतकर पहली बार फिडे अंतरराष्ट्रीय रेटिंग हासिल करने वाले पहले खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने यह उपलब्धि दिव्यांग वर्ग की प्रतियोगिता में हासिल की है। उनकी स्टैंडर्ड फिडे रेटिंग 1622 हो गई है।
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अक्षत ने जबलपुर में हुई प्रतियोगिता में नौ में से 5.5 अंक अर्जित किए। उन्हें 7,500 रुपये की पुरस्कार राशि भी मिली। एक ही टूर्नामेंट में अंतरराष्ट्रीय रेटिंग प्राप्त करना खिलाड़ियों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जाती है। अक्षत सिगरा के निवासी है। उन्होंने पांच रेटेड खिलाड़ियों को हराया और एक से ड्रॉ खेला।
फिडे रेटिंग का महत्व
फिडे अंतरराष्ट्रीय रेटिंग हासिल करना किसी भी शतरंज खिलाड़ी के लिए एक सपने की तरह होता है। यह खिलाड़ी की वैश्विक स्तर पर पहचान स्थापित करने में मदद करता है। अक्षत ने अपनी पहली रेटिंग 1622 पाकर यह मुकाम हासिल किया। यह उपलब्धि आगामी शतरंज प्रतियोगिताओं में उनका हौसला बढ़ाएगी। वह इसे बेहतर करने का प्रयास करेंगे।
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अभिज्ञान को मिला 1568 फिडे रेटिंग
वाराणसी के सामनेघाट निवासी अभिज्ञान मिश्र ने अपनी रेटिंग में सुधार किया और पहली बार 1576 फिडे रेटिंग हासिल की है। उन्होंने अपनी पहले की रेटिंग 1576 प्रदर्शन रेटिंग के साथ अपनी पहली फिडे रैपिड रेटिंग 1568 प्राप्त की है। उनके प्रदर्शन पर वाराणसी शतरंज संघ के सचिव विजय, तुषार सारस्वत, अमन वर्मा ने बधाई दी।