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दो दिन में जिले में एक हजार करोड़ का कारोबार प्रभावित

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राष्ट्रीयकृत बैंकों में निजीकरण और बैंकिंग संशोधन बिल-2021 के विरोध में बैंककर्मी शुक्रवार को भी हड़ताल पर रहे। दो दिवसीय हड़ताल का आह्वान यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन ने किया था। इसके तहत ट्रेड सेंटर परिसर में बैंककर्मियों ने प्रदर्शन किया। हड़ताल से दो दिनों में जिले में एक हजार करोड़ और पूर्वांचल में दो हजार करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ है।
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तालाबंदी और कार्य बहिष्कार के चलते खातों से जमा-निकासी, पासबुक प्रिंटिंग और चेक क्लीयरेंस का काम प्रभावित हुआ। वहीं एटीएम में रकम निकालने पहुंचे लोगों को निराशा हाथ लगी। अस्सी निवासी राजू शर्मा ने बताया कि बैंक में हड़ताल होने से पासबुक भी प्रिंट नहीं हुआ। लंका निवासी विजय ने बताया कि बैंक ऑफ बड़ौदा गया था कार्यालय तो बंद था ही एटीएम भी काम नहीं कर रहा था।
बैंक ऑफ बड़ौदा स्टाफ यूनियन के जिला मंत्री पीके घोष ने बताया कि फिलहाल यह हड़ताल समाप्त हो गई है। बैंक ऑफ इंडिया अधिकारी संगठन के अध्यक्ष अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि अगर सरकार ने निजीकरण के फैसले को वापस नहीं लिया तो मामले को लेकर अगले सप्ताह बैठक होगी, इसमें आंदोलन के स्वरूप विचार विमर्श होगा। चेताया कि अगर समय रहते बैंक कर्मचारियों के हितों का ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन तेज होगा। बैंक यूनियन के आह्वान पर पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा, केनरा बैंक, यूको बैंक के मंडल और अंचल कार्यालय के कर्मचारियों ने धरना दिया। इस दौरान अमिताभ भौमिक, सचिन पटेल, दिनेश सिंह, अजय रघुवंशी, विवेक पांडेय, मिथिलेश राव, रवि चौरसिया, शिवनाथ यादव, प्रमोद द्विवेदी आदि मौजूद रहे।
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