सर्वे टीम में शामिल रोहित कुमार ने बताया कि पहले चरण में वह अधिग्रहण होने वाली जमीनों का चिह्नांकन कर स्वामित्व से आधार कार्ड, बैंक पासबुक, खतौनी जमा करा रहे हैं। बताया कि दूसरे चरण में पूर्व में छोड़ी गई रेलवे जमीन की सीमा से उत्तरी एवं दक्षिणी तरफ 20-20 मीटर जमीन अधिग्रहण किए जाएंगे। अभी कुछ किसानों ने अपने कागज जमा किए हैं लेकिन कुछ ने एक सप्ताह बाद देने का आश्वासन दिया है।
इस संबंध में रेलवे के पीआरओ अशोक कुमार से जब इस मामले पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने बताया कि इस योजना के फलीभूत होने पर काफी समय लगेगा लेकिन पूरी होने वाली औपचारिकताएं सही हैं। जमीन अधिग्रहण के बाद ट्रैक के दोनों छोर पर दीवारों का निर्माण होगा। इसके साथ ही दीवार बनने से मानवीय और वन्य जीवों के साथ होने वाले हादसों को रोका जा सकेगा।