कार्रवाई के दौरान मौजूद अधिकारी।
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बोली महिलाएं
सूर्या ने कही कि दो दिन पहले बाढ़ खंड द्वारा चिन्हीकरण किया गया था। आज यह लोग आए और जल्दी खाली करो-जल्दी खाली करो कहकर घरों को गिराना शुरू कर दिया। हमने कहा कि एक तरफ से गिराते हुए आइए लेकिन हमारी एक न सुनी गई और हमारे घर को गिरा दिया गया।
उर्मिला ने कही कि यहीं पीछे एक सिपाही को नेवासे में जमीन मिली है। उन्होंने हमसे रास्ता मांगा तो हमने रास्ता नहीं दिया गया। जिसके कारण शिकायती पत्र देकर उन्होंने हमारे घरों को गिरवाया है। हम लोगों कही नहीं जाएंगे। हम लोग यहीं मरेंगे पूरे परिवार के साथ।
प्रमिला ने कहा कि अगर गिराना ही था तो सिर्फ दो लोगों का ही गिराना चाहिए था। हमने कहा अगर गिराना है तो सबका गिराइए। क्योंकि सिर्फ दो लोग ही बंधे में नहीं हैं। यहां सभी लोग बंधे में हैं। लेकिन हमारी बात को नहीं सुने और गिरा दिया।
बोले जिम्मेदार
शासन का निर्देश है कि कहीं भी सरकारी जमीन पर अतिक्रमण न होने पाए। इन लोगों द्वारा बाढ़ खंड की जमीन पर कब्जा किया गया था। जिसका दो दिन पूर्व सीमांकन हुआ था। आज अतिक्रमण को हटाया गया है। हमारा यह अभियान अनिवरत जारी रहेगा। - करमवीर सिंह, तहसीलदार सदर।