ये है अच्छे फेफड़े का सीटी स्कैन।
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काशी की आबो हवा भी है खराब
काशी की आबो हवा भी खराब है। यानी यहां प्रदूषण का मानक भी बहुत अधिक है। देश के प्रमुख शहरों के वायु प्रदूषण की स्थिति पर हाल ही में जारी हुई एक रिपोर्ट में भी इसका जिक्र किया गया है। इसमें काशी में पीएम 2.5 को 82.1 बताया गया है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि काशी में प्रदूषण से मौत का आंकड़ा 10.2 प्रतिशत है। इस अध्ययन में वाराणसी से भी विशेषज्ञों को शामिल किया गया था।
100 मरीजों में 10 को होती है अनुवांशिक बीमारी
प्रो. मनोज पांडेय का कहना है कि फेफड़े की बीमारी अनुवांशिक भी होती है। आंकड़ों पर अगर गौर करे तो अगर 100 मरीजों को यह बीमारी हो रही है तो इसमें से 10 मरीजों में यह बीमारी अनुवांशिक कारणों से होती है। ओपीडी में आने वाले मरीजों को भी इस बीमारी से बचाव के बारे में जागरूक किया जाता है।