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Budget 2025 : वाराणसी की लकड़ी, मिट्टी, गाजीपुर के जूट आजमगढ़ की ब्लैक पाॅटरी को मिलेगा बाजार

Sun, 02 Feb 2025 10:00 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

बजट 2025 में जीआई पंजीकृत खिलौना जगत के शिल्पियों का भी ख्याल रखा गया है। उनकी कला को अब विश्वविख्यात बनाया जाएगा।
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जूट के बने थैले। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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Budget 2025 : खिलौना उद्योग को देश में हब बनाए जाने से वाराणसी समेत पूर्वांचल के जीआई पंजीकृत खिलौना जगत के शिल्पियों में खुशी है। वाराणसी समेत पूर्वांचल में विभिन्न तरह के खिलौने तैयार किए जाते हैं। 

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इसमें जीआई पंजीकृत वाराणसी के लकड़ी, मेटल, मिट्टी के खिलौने, गाजीपुर के जूट खिलौने समेत चुनार ग्लेज्ड मिट्टी खिलौना, निजामाबाद आजमगढ़ के ब्लैक पॉटरी के खिलौने, गोरखपुर टेराकोटा खिलौनों को नया अवसर मिलेगा। यह फिर से एक नई ऊंचाई पर पहुंचेंगे। भारतीय खिलौनों की विदेश की सरजमीं पर भी धाक जमेगी।

जीआई मैन कहे जाने वाले डॉ. रजनीकांत ने बताया कि वर्तमान में इन पांच जिलों के ढाई हजार शिल्पियों की ओर से अलग-अलग खिलौना उद्योग से 20 करोड़ रुपये का सालाना कारोबार किया जा रहा है। 
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अब निर्यात में भी तेजी आएगी क्योंकि सरकार और निर्यातकों के प्रयास से इस खिलौना क्राफ्ट में भी नए प्रशिक्षण, इनोवेश और विभिन्न डिजाइनों पर पैकेजिंग के साथ काम होगा और इसमें भी बिना गारंटी के ऋण और स्टार्टअप आने से कारोबार बढ़ेगा। 

इसी प्रकार हथकरघा वस्त्रों के उपकरणों और स्वदेशी वस्त्रों पर जोर दिया गया है और जीआई पंजीकृत बनारस ब्रोकेड साड़ी सहित मऊ साड़ी, गोरखपुर हैंडलूम के साथ-साथ मिर्जापुर की पंजा दरी और लूम से तैयार कार्पेट भी नए मुकाम को हासिल करेंगे। 

लकड़ी खिलौना के पद्मश्री सम्मानित गोदावरी सिंह ने बताया कि बनारसी लकड़ी खिलौने की मांग देश ही नहीं बल्कि विदेश तक में भी है। बजट में इसे हब बनाए जाने की घोषणा हुई है तो यह उद्योग और बढ़ेगा। नए युवा हस्तशिल्पी इस क्षेत्र में आएंगे। अब तक कोई प्रोत्साहन नहीं मिलने के कारण नई पीढ़ी इससे दूर होती जा रही है। प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री के इस फैसले ने खिलाैना उद्योग को जिंदा कर दिया है।

नेशनल मेरिट अवॉर्डी रामेश्वर सिंह, स्टेट अवॉर्डी धर्मराज खरादी, अमृता देवी, बिहारी अग्रवाल, अनिल कसेरा, मनोज सिंह, कैंसर जहां, जमालुदीन अंसारी, बच्चे लाल मौर्या, अवधेश कुमार ने आम बजट में वित्त मंत्री के इस घोषणा पर खुशी जताई और कहा कि वाराणसी समेत पूर्वांचल के इस खिलौना कारोबार को और उड़ान मिलेगी।

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मध्यम वर्ग की जेब में और पैसे बचाएगा यह बजट

वित्त मंत्री ने न किसी विवादित मुद्दे को उठाया न किसी वर्ग को नाराज करने वाली घोषणाएं की। चार्टर्ड एकाउंटेंट्स और इनकम टैक्स विशेषज्ञों के अनुसार आम बजट में टैक्स प्रावधानों में किए गए संशोधन की दृष्टि से देखें तो यह बजट ऐतिहासिक है।

मध्यम वर्ग के लिए इससे बेहतर तोहफा भला और क्या हो सकता है। यह बजट विकास को बढ़ावा देगा व आम आदमी खासकर मध्यम वर्ग की जेब में और पैसे बचाएगा। क्योंकि अब उन्हें इनकम टैक्स की अच्छी खासी बचत होने वाली है। बाजार में भी नकदी का प्रवाह तेज होगा।

सीए जय प्रद्धवानी ने बताया कि 12 लाख तक सालाना आय पर अब कोई भी इनकम टैक्स नहीं देना होगा। नौकरीपेशा कर्मचारियों को 75 हजार की अतिरिक्त छूट है। इसलिए जिन कर्मचारियों की सालाना आय 12.75 लाख रहेगी, उन्हें अब कोई भी आयकर नहीं देना होगा।

सरकार ने अगले सप्ताह एक नए आयकर बिल को संसद में पेश करने का भी वादा किया है, जो पास होने के बाद पुराने आयकर कानून 1961 की जगह लेगा। इस नए बिल में कर प्रावधान काफी सरल रहेंगे, जो आम आदमी को आसानी से समझ में आएंगे। 

सीए अमित विश्वकर्मा ने बताया कि 12 लाख रुपये तक की छूट नई आयकर व्यवस्था में दी गई है। मानक कटौती 75 हजार के साथ नौकरीपेशा लोगों को अब 12.75 लाख रुपये तक का सालाना आय पर कोई टैक्स नहीं देना होगा। इस तरह टैक्स छूट से मध्यम वर्ग के लोगों के पास खपत के लिए अधिक पैसे बचेंगे। साथ ही निवेश और बचत भी बढ़ेगी। वरिष्ठ नागरिकों के लिए टीडीएस की सीमा 50000 से बढ़ाकर 100000 कर दी गई है। 
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