आजमगढ़ के मंडलायुक्त कनक त्रिपाठी ने बताया कि एडेड विद्यालयों में प्रधानाध्यापकों व सहायक अध्यापकों की नियुक्ति में जम कर खेल किया गया था। विज्ञापन के उपरांत कुल प्राप्त आवेदन पत्रों का विवरण भी प्रबंधक नहीं उपलब्ध करा सके। केवल चयनित अभ्यर्थियों के अंकपत्र व प्रमाण पत्र ही उपलब्ध मिले थे। बीएसए निलंबन व अनुशासनात्मक कार्रवाई के साथ ही नियुक्तियों को निरस्त कर सतर्कता जांच कराने की संस्तुति शासन से की गई थी। शासन ने उन्हें निलंबित कर दिया है।