विपक्षी को फंसाने के लिए एक भाई इतनी नीचे गिर जाएगा इसकी कोई कल्पना नहीं कर सकता। जेल में बंद भाई ने ही अपनी ही बहन को गोली मारने के एक लाख रुपये की सुपारी दे डाली। इसके लिए उसने उसी जेल में बंद बदमाशों की मदद ली। इस पूरी कहानी का सनसनखेज खुलासा बुधवार की रात मुठभेड़ में गिरफ्तार तीन बदमाशों के हुआ। मामला यूपी के बलिया जिले का है।
रसड़ा पुलिस और स्वाट टीम को उस समय बड़ी सफलता हाथ लगी जब रसड़ा के अमहर चट्टी के पास मुठभेड़ के बाद तीन शातिर बदमाशों को तमंचा, कारतूस व बाइक के साथ गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज करने के बाद जेल भेज दिया।
पकडे़ गए अभियुक्तों में बांसडीह कोतवाली के पठखौली निवासी विनय कुमार पाठक, बैरिया थाने के रानीगंज चेता छपरा निवासी अर्जुन गुप्ता व विक्की राम हैं। कोतवाली प्रभारी ज्ञानेश्वर मिश्रा ने बताया कि अभियुक्त विनय कुमार पाठक पूर्व में कई आपराधिक मामलों में जेल जा चुका है।
इस तरह दिया गया वारदात को अंजाम
वर्ष 2017 में रसड़ा स्टेशन रोड पर विवादित मकान के विवाद में जेल में बंद राजेश वर्मा ने जेल में ही बंद शातिर अपराधी बबुआ सिंह निवासी धरनीपुर दुबहड़ के माध्यम से अपनी बहन पर हमला करने की साजिश रच दी। इसके लिए बंद बदमाश के माध्यम से एक लाख रुपये में राजेश वर्मा की बहन मीरा देवी को चोटिल करने की नियत से गोली मारने का सौदा तय हो गया।
पूछताछ में अभियुक्त ने बताया कि वर्ष 2017 में रसड़ा स्टेशन रोड पर एक मकान के विवाद में जेल में बंद राजेश वर्मा द्वारा बलिया जेल में बंद अपराधी बबुआ सिंह निवासी धरनीपुर थाना दुबहड़ बलिया के माध्यम से उसे मुलाकात के लिए जेल में बुलाया गया।
जहां बबुआ सिंह ने कहा कि रसड़ा में डॉ. दिनेश दत्त दुबे से राजेश वर्मा का मकान का विवाद चल रहा है। जिसमें दयाशंकर की बहन मीरा देवी को दहशत में लाने के लिए गोली मारनी है। इसके लिए एक लाख रुपये में सुपारी तय हुई।
15 अप्रैल 2018 को विनय पाठक व उसके सहयोगी अर्जुन गुप्ता व विक्की राम बाइक से रसड़ा स्टेशन रोड गए, जहां विवादित मकान के ऊपर चल रही कोचिंग के बहाने रेकी करके मीरा देवी की पहचान की। उसके बाद 20 अप्रैल 2018 को तीनों अपराधी रसड़ा पहुंचे।
शाम को करीब साढ़ सात बजे मीरा वर्मा के घर विनय व अर्जुन गये। जबकि विक्की बाहर बाइक लेकर खड़ा था। इस दौरान अर्जुन वर्मा ने मीरा देवी को गोली मार दी, जो उसके पेट के दाहिने हिस्से में लगी। इसके बाद तीनों भाग गए।
महज कुछ रुपयों के फेर में फंसे
इस मामले में शांती देवी पत्नी सुदामा प्रसाद की तहरीर पर पुलिस ने डॉ. दिनेश दत्त दुबे निवासी कस्बा रसड़ा सहित चार लोगों के विरुद्ध केस दर्ज किया था। बदमाशों ने बताया गया कि गोली मारने के बाद हम लोग अपने-अपने घर चले गए। इसके बाद रविकान्त सिंह के माध्यम से 95 हजार रुपये दिया गया।
इसमें से 45 हजार रुपये विनय पाठक, 40 हजार रुपये अर्जुन गुप्ता व 10 हजार रुपये विक्की गुप्ता के बीच बांट लिया गया। तीनों बदमाश शेष पांच हजार रुपये लेने के लिए रसड़ा आ रहे थे। इसी दौरान पुलिस से मुठभेड़ हो गई।