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काश ऐसे ही सुरक्षा मानक चौकाघाट फ्लाईओवर में अपनाता सेतु निगम

Fri, 01 Jun 2018 11:48 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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बाबतपुर फोरलेन फ्लाईओवर - फोटो : अमर उजाला
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वाराणसी में बाबतपुर फोरलेन फ्लाईओवर निर्माण कार्य के दौरान तरना चमांव के पास शटरिंग गिरने की घटना के बाद लोग सेतु निगम की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
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15 मई को कैंट के समीप चौकाघाट फ्लाईओवर की बीम गिरने से 15 लोगों की मौत हो गई थी। सेतु निगम ने सुरक्षा मानकों का ध्यान राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की तरह से नहीं लिया था।

लोग चर्चा कर रहे हैं कि काश ऐसे ही सुरक्षा मानक चौकाघाट फ्लाईओवर में सेतु निगम अपनाता तो जनहानि नहीं होती। इंजीनियरों की मानें तो जिस प्रकार से बाबतपुर के पास काम चल रहा है। वहां सारे सुरक्षा मानकों का ख्याल किया जा रहा है। इसके लिए सेफ्टी इंजीनियरों को रखा गया है।
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राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के इंजीनियरों की मानें तो जब तक सुरक्षा मानक पूरे नहीं होते हैं तब तक काम शुरू नहीं कराया जाता है। यही कारण है कि जहां घटना हुई है वहां 72 दिनों का ब्लाकेज लिया गया है।

इधर से कोई वाहन नहीं गुजरता है। इसके लिए रूट डायवर्ट किया गया है। यही नहीं ढलाई के दौरान भी सुरक्षा जाली लगाई गई थी। इसके चलते ऊपर से गिरने वाली लोहे की प्लेट और मलबा फंस गया और थोड़ा बहुत ही मलबा नीचे गिरा। 
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संकटमोचन बाबा क देन रहल कि बच गइलन 

फ्लाईओवर की शटरिंग गिरने के बाद राहत कार्य में लगे कर्मचारी - फोटो : अमर उजाला
निलंबन के बाद सेतु निगम में आए नए इंजीनियरों का भी मानना है कि बीम अपने कंस्ट्रक्शन जोन में गिरी थी। उस क्षेत्र को कवर किया जाना चाहिए था। पूर्व के अधिकारियों ने किन परिस्थितियों में उसे कवर नहीं किया। यह वही बता पाएंगे।

उधर, तरना चमांव में जहां शटरिंग गिरने की घटना हुई है उसी के ठीक सामने हनुमान जी का मंदिर है। यहां के श्रीराम बाबा ने कहा कि संकटमोचन बाबा क देन रहल की बच गइलन लोग नाही त चौकाघाट के तरे हादसा हो जात।

श्रीराम बाबा ने बताया कि जिस समय घटना हुई उस समय बहुत तेज आवाज किया। हम लोग बाहर गए तो देखे कि मलबा गिरा है उसे जल्दी जल्दी हटाया जा रहा था। 
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