उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस उन लोगों को ज्यादा प्रभावित करता है, जिनका इम्यून सिस्टम कमजोर है, इसीलिए आयुष, अमृतादि काढ़ा भी लोगों को दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बीएचयू अस्पताल में आयुर्वेद संकाय की ओपीडी में बने काउंटर पर यह औषधियां उपलब्ध हैं।
कई बीमारियों में सहायक है औषधियां
प्रो. नंद चौधरी ने बताया कि अश्वगंधा कई तरह के संक्रमण को खत्म करने में लाभकारी होता है। इससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है। डायबिटीज के मरीजों के लिए इलाज में भी यह लाभदायक होता है। हृदय रोग और पेट संबंधी बीमारी से जूझ रहे मरीज डॉक्टर की सलाह पर गिलोय घनवटी का उपयोग कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए पिछले कई दिनों से लगातार इन औषधियों को तैयार कराया जा रहा है।
50 व्यक्तियों के लिए आयुष काढ़ा बनाने में 250 ग्राम तुलसी, 125 ग्राम अदरक, 125 ग्राम दालचीनी, 65-65 ग्राम काली मिर्च और लौंग, 125 ग्राम हल्दी और ढाई सौ ग्राम गिलोय लगेगा। दस लीटर पानी में इस सामग्री को उबाल कर पांच लीटर शेष रहने पर छानकर पिलाना है।
बनारसी काढ़ा करेगा कोरोना पर वार
वाराणसी के जंगमबाड़ी क्षेत्र में विजय नाम के शख्स ने लॉकडाउन के तीन महीने के बाद अनलॉक में आयुर्वेदिक काढ़े की दुकान खोली है। यह काढ़ा इस महामारी में मरहम का काम कर रहा है। विजय ने अपनी दुकान पर 10 रुपये का रेट बोर्ड लगा रखा है। काढ़ा लेने और पीने आए ग्राहकों के पास पैसा नहीं होने पर वह यह काढ़ा लोगों को निशुल्क भी पिलाते हैं। ज्यादातर लोग अपनी खुशी से पैसे दे देते हैं। विजय समाज सेवा के साथ अपने परिवार का आजीविका भी चला रहे हैं।