ऑडिट आपत्ति के बाद अब सजगता बरतेगा विश्वविद्यालय
काशी विद्यापीठ में रूसा योजना के तहत बुक बैंक की स्थापना के लिए जो पुस्तकें खरीदी गई थीं, उस पर ऑडिट आपत्ति आने के बाद अब खरीदारी में सजगता बरती जाएगी। उत्तर प्रदेश महालेखाकार के संपरीक्षा दल की ओर से आपत्ति लगाई गई थी।
अब केंद्रीय पुस्तकालय के साथ ही विभागीय पुस्तकालय में पुस्तकों की खरीदारी में पारदर्शिता, मितव्ययिता लाने के उद्देश्य से भी फैसले हुए हैं। पुस्तकों की खरीदारी के लिए आंतरिक उपसमिति भी गठित की गई है।
देश में पहले भी जो प्रधानमंत्री (पं. जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा गांधी, अटल विहारी वाजपेयी) रहे हैं, उन पर लिखी पुस्तकें विश्वविद्यालय के केंद्रीय पुस्तकालय में रखी हैं। पीएम नरेंद्र मोदी पर लिखी पुस्तकें कोविड काल में खरीदी जानी थी। महापुरुषों पर आधारित पुस्तकें भी मंगाई जाएंगी। - प्रो. एके त्यागी, कुलपति, काशी विद्यापीठ