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बनारस के मकान में विस्फोट: छह साल से जारी था पटाखों का अवैध धंधा, पक्ष लेते थे पुलिस वाले

Thu, 25 Oct 2018 10:23 AM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
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बीट आरक्षी और लहरतारा चौकी प्रभारी की कार्यशैली के साथ अधिकारियों का पर्यवेक्षण सवालों के घेरे में - फोटो : अमर उजाला
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वाराणसी के लहरतारा रेल ओवरब्रिज के नीचे रहने वाले रिंकू भारती उर्फ कुणाल सिंह के मकान में बुधवार की दोपहर जबरदस्त धमाका हुआ। धमाका इतना तेज था कि उसकी गूंज लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। । घटना में दो लोगों की मौत हो गई वहीं सात घायल हो गए। रिंकू भारती बीते छह साल से अवैध तरीके से पटाखे बेचने का धंधा कर रहा था।

रिंकू के पड़ोसियों ने बताया कि पटाखों के अवैध भंडारण की शिकायत कई बार पुलिस से की गई थी मगर जब भी सिपाही या दरोगा आते वे उसी का पक्ष लेते थे। वह लोगों को एससी-एसटी एक्ट के मुकदमे में फंसाने की धमकी आए दिन देता रहता था। लोगों का कहना है कि पुलिस ने शिकायत को गंभीरता से लिया होता तो इतना बड़ी घटना नहीं हुई होती।
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मुहल्ले के लोगों ने बताया कि झगड़ालू प्रवृत्ति के रिंकू से पड़ोस और इलाके के ज्यादातर लोग मेलजोल नहीं रखते थे। यही वजह है कि पड़ोसी उसकी बच्ची तक का नाम नहीं बता पा रहे थे। रिंकू द्वारा पटाखों के अवैध भंडारण व बेचे जाने से लोकल इंटेलिजेंस यूनिट, लहरतारा पुलिस चौकी प्रभारी और बीट आरक्षी की कार्यशैली के साथ ही अधिकारियों का पर्यवेक्षण सवालों के घेरे में है। माना जा रहा है कि विभागीय जांच शुरू होगी तो कई पुलिसकर्मी और एलआईयू के कर्मचारी कार्रवाई की जद में आएंगे।
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12 थानों की फोर्स के साथ पहुंचे एसएसपी

- फोटो : अमर उजाला
धमाके के बाद लहरतारा आरओबी के ऊपर और नीचे सैकड़ों लोगों की भीड़ एकत्र हो गई थी। लोग फोटो खींचने और वीडियो बनाने में लगे थे। इससे एनडीआरएफ और पुलिस को राहत और बचाव कार्य में खासी दिक्कतें आ रही थी। पुलिस और पीएसी के जवानों ने कड़ी मशक्कत के बाद किसी तरह से भीड़ को नियंत्रित कर किनारे किया तो रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ।
 

मोहल्ले के लोगों को लगा मकान गिर जाएगा

- फोटो : अमर उजाला
रिंकू के घर में धमाके के बाद मुहल्ले के लोगों को लगा कि विस्फोट उनके घर के सामने ही हुआ है और मकान गिर रहा है। अनहोनी की आशंका से लोग अपने घरों से बाहर निकल कर सड़क पर आ गए। 
लहरतारा मोहल्ले के सुरेंद्र, सोनू गुप्ता, प्यारेलाल, सुभाष, प्रेमचंद्र, शरद आदि का कहना था कि हम लोगों को अपने घर में अजीब सा कंपन महसूस हुआ। रसोईं में रखे बर्तन और कई अन्य सामान जमीन पर आ गिरे। ऐसा प्रतीत हुआ जैसे कि मकान भरभरा कर गिर जाएगा। सड़क पर आए तो देखा रिंकू मकान ढह गया है। लोग मदद के लिए दौड़े। इस दौरान डर के मारे कई लोग काफी देर तक अपने मकान के अंदर नहीं गए।

बोरियां में रखा सामान और सैंपल ले गई टीम
फोरेंसिक टीम की फील्ड यूनिट ने रिंकू के घर मेें राहत और बचाव कार्य संपन्न होने के बाद दो घंटे तक जांच-पड़ताल की। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मौके से बरामद गैस सिलेंडर के रेगुलेटर, पाइप और छह बोरियों में रखा सामान फोरेंसिक टीम ने कब्जे में लिया है। आशंका जताई गई है कि बोरियों में विस्फोटक पदार्थ रखा हुआ था। हालांकि इस संबंध में पुलिस अधिकारियों ने जांच रिपोर्ट आए बगैर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया।

ऐसा लगा मानो बम का धमाका हुआ’

रिंकू के घर में जिस समय धमाका हुआ उस दौरान लहरतारा पुल से वाहन लेकर गुजरने वाले किसी अनहोनी की आशंका से जहां के तहां ठहर गए। उन्हें लगा कि बम धमाका हुआ है।  नरिया निवासी स्कूटी सवार अमरेंद्र शंकर उपाध्याय ने बताया कि वह लहरतारा से कैंट की ओर जा रहे थे। धमाका हुआ तो लगा कि पुल उड़ गया है। कुछ देर बाद समझ में आया कि नीचे किसी मकान में धमाका हुआ है। लहरतारा निवासी बाइक सवार मनीष सिंह ने कहा कि थोड़ी देर तक किसी को कुछ समझ में नहीं आया।

रिंकू के घर के अगल-बगल के लोग चीखे तो लगा कोई अनहोनी हुई है। दुर्गाकुंड निवासी व्यापारी मनीष श्रीवास्तव ने बताया कि वह स्कूटी से लहरतारा चौराहा होते हुए दुकान पर जा रहे थे। धमाका हुआ तो मारे डर के स्कूटी अनियंत्रित हो गई। कुछ देर तक खड़े रहे और फिर पुल के नीचे लोगों का शोर सुना तो जानकारी हुई। शिवदासपुर निवासी अवधेश पटेल ने बताया कि वह लहरतारा से कैंट की ओर जा रहे थे। धमाका सुनाई देते ही उन्होंने बाइक का ब्रेेक लगाया और किसी तरह से खुद को संभाला। 

लहरतारा पुल पर उमड़ी भीड़, नीचे आवागमन ठप

लहरतारा निवासी रिंकू के मकान में धमाके के बाद लहरतारा रेल ओवरब्रिज पर तमाशबीनों की भीड़ उमड़ पड़ी। लहरतारा आरओबी पर काफी देर तक यातायात बाधित रहा। आरओबी के नीचे के मार्ग पर भीड़ होने की वजह से दोपहर से शाम तक आवागमन बाधित रहा। हालांकि शाम के समय रोजाना की ही तरह आरओबी के नीचे सब्जी के ठेले और दुकानें पहले की भांति सज गईं। 

फोटो खींच रही थी भीड़ 
धमाके के बाद लहरतारा आरओबी के ऊपर और नीचे सैकड़ों लोगों की भीड़ एकत्र हो गई थी। लोग फोटो खींचने और वीडियो बनाने में लगे थे। इससे एनडीआरएफ और पुलिस को राहत और बचाव कार्य में खासी दिक्कतें आ रही थी। पुलिस और पीएसी के जवानों ने कड़ी मशक्कत के बाद किसी तरह से भीड़ को नियंत्रित कर किनारे किया तो रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ।
 
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धमाके के बाद बंद कर दी गई थी बिजली आपूर्ति

रिंकू के घर में धमाके के बाद मौके पर पुलिस पहुंची तो सबसे पहले विद्युत आपूर्ति बंद कराई गई। राहत और बचाव कार्य के दौरान विज्ञापन होर्डिगिं नीचे गिराते समय शाम छह बजे के लगभग बिजली का एक खंभा उखाड़ दिया गया और इंसुलेटेड केबल काट दी गई। इस वजह से लहरतारा, शिवदासपुर, मंडुवाडीह, महेशपुर और चांदपुर इलाके की बिजली गुल रही। लहरतारा में बिजली आपूर्ति देर रात तक भी बहाल नहीं हो सकी, जबकि अन्य इलाकों में सप्लाई शुरू कर दी गई।  
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