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Varanasi: सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य को दिखाए काले झंडे, वाहन पर फेंकी काली स्याही, गूंजे जय श्रीराम के नारे

Sun, 12 Feb 2023 01:56 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य का वाराणसी में भारी विरोध हुआ। सोनभद्र जाते समय टेंगरा मोड़ पर भाजपा नेताओं ने स्वामी प्रसाद मौर्य को काले झंडे दिखाए और वाहन पर काली स्याही भी फेंकी।
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स्वामी प्रसाद मौर्य के वाहन पर फेंकी काली स्याही - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अपनी बयानबाजी से सुर्खियों में रहने वाले सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य इस बार रामचरित मानस पर टिप्पणी कर सवालों के घेरे में हैं। रविवार को वाराणसी में उनका भारी विरोध हुआ। सोनभद्र जाते समय रामनगर के टेंगरा मोड़ पर भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने स्वामी प्रसाद मौर्य को काले झंडे दिखाए। सपा नेता के वाहन पर काली स्याही भी फेंकी।

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स्वामी प्रसाद मौर्य के काफिले पर काले कपड़े फेंके गए। इस दौरान हर-हर महादेव और जय श्रीराम के नारे गूंजते रहे। पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शन कर रहे युवकों को पीछे किया तब जाकर स्वामी प्रसाद मौर्य का काफिला आगे के लिए रवाना हुआ। विरोध-प्रदर्शन में शामिल युवा भाजपा नेता दीपक सिंह राजवीर ने कहा कि स्वामी प्रसाद मौर्य बार-बार सनातन पर सवाल उठा रहे हैं। रामचरित मानस पर विवादित टिप्पणी को कभी माफ नहीं करेंगे। उन्हें माफी मांगनी होगी। हम उनपर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। 

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कहा की स्वामी प्रसाद मौर्य सिर्फ और सिर्फ देश को बांटना चाहते हैं। उनका न कोई सिद्धांत है न कोई विचार। वह एक मौका परस्त व्यक्ति है, जिसने बहन कुमारी मायावती के चरण छूने से गाली देने तक का सफर तय किया है। 

तुलसीदास के रामचरित मानस को हम नहीं कह सकते धार्मिक

शनिवार की देर रात काशी पहुंचे सपा नेता ने कहा कि तुलसीदास के रामचरित मानस को हम धार्मिक नहीं कह सकते हैं। जिस प्रकार तमाम लोगों ने पुस्तकें लिखीं, उसी तरह रामचरित मानस भी एक काव्य है। इसलिए धर्मग्रंथ कहकर गाली और अपमानित करने की व्यवस्था को उचित नहीं ठहराया जा सकता है। मेरी मान्यता है कि धर्म का मायने कल्याण, जो मानवता के सशक्तीकरण के लिए होता है। किसी को अपमानित करना धर्म का हिस्सा नहीं हो सकता है।  
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पीएम और राष्ट्रपति को पत्र भेजकर निवेदन किया है कि महिलाओं, आदिवासियों, पिछड़ों व अनुसूचित जाति के सम्मान के विपरीत इस्तेमाल शब्दों को संशोधित या प्रतिबंधित किया जाए। 
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