उनके प्रचार अभियान में इस बात पर भी जोर है कि मेयर की जीत-हार में प्रदेश व केंद्र सरकार पर कोई असर नहीं पड़ने वाला है। ऐसे में दोनों ही पार्टी वाराणसी की स्थानीय समस्याओं को लेकर बदलाव की मांग कर रही है।
निकाय चुनाव में प्रचार का तरीका भी आधुनिक हो गया है। वार्डों के प्रत्याशी अपने मोहल्ले के लोगों से फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम, वाट्सएप के जरिए संपर्क साध रहे हैं। यहां तक की मोहल्लावार और वार्डवार वाट्सएप ग्रुप बनाए गए हैं। ग्रुप पर प्रतिदिन जनसंपर्क अभियान व अन्य संदेश भेजकर प्रत्याशी समर्थन जुटा रहे हैं।
वाट्सएप ग्रुप के जरिए प्रत्याशी अपनी बातों को लोगों तक पहुंचाकर सहानुभूति जुटा रहे हैं। सोशल मीडिया पर सभी पार्टियों के प्रत्याशी सक्रिय हैं। ग्रुप पर जहां प्रत्याशी अपने पक्ष में मतदान की अपील कर रहे हैं तो वहीं मतदाता भी अपने क्षेत्रों की समस्याओं को उजागर कर रहे हैं। एक वार्ड में अमूमन चार से सात प्रत्याशी हैं। सभी प्रत्याशियों ने अपने-अपने हिसाब से ग्रुप बनाया है। ग्रुप पर प्रत्याशियों की तरफ से विकास के खूब दावे किए जा रहे हैं। सभी पार्टियों की सोशल मीडिया सेल इस समय सक्रिय है।