विधानसभा चुनाव में पूर्वांचल के सीटों की अहम भूमिका होती है। राजनीतिक पार्टियों का इस पर विशेष निगाह होता है। यह सीटें प्रमुख दलों के हार और जीत का फैसला भी करती रही हैं। इसी कारण प्रमुख दलों को भी पूर्वांचल में गठजोड़ का सहारा लेना पड़ता है।
विधानसभा चुनाव 2017 पर नजर डालें तो क्षेत्रीय पार्टियों से गठजोड़ की राजनीति जारी है। भारतीय जनता पार्टी ने क्षेत्रिय पार्टियों के साथ गठजोड़ कर मिशन 2017 में अपना परचम लहराना चाह रही है। भारतीय जनता पार्टी ने भारतीय समाज पार्टी और अपना दल से गठजोड़ कर पार्टी को मजबूत करने का काम किया है।
भाजपा उम्मीदवारों की घोषणा के बाद शुक्रवार को भासपा (भारतीय समाज पार्टी) के छह सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा भी बरेसर में आयोजित भासपा की रैली में कर दी गई। पूर्वांचल में कमल खिलाने के उद्देश्य से बीते नौ जुलाई को पड़ोसी जनपद मऊ के रेलवे मैदान में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भारतीय समाज पार्टी द्वारा आयोजित अति पिछड़ा और अति दलित महापंचायत में शामिल हुए थे।
यहीं से दोनों दलों के बीच गठबंधन की नींव रखी गई थी। फिर टिकट बंटवारे को लेकर कुछ दिनों तक दोनों दलों में जद्दोजहद जारी रहा। फिर भाजपा ने पूर्वांचल की 150 सीटों में से आठ सीटों पर भासपा को लड़ाने का निर्णय लिया। जिसमें से अब तक छह सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा की जा चुकी है।
जबकि दो सीटों पर उम्मीदवार की घोषणा होना अभी बाकी है। भाजपा का भासपा से गठबंधन होना पार्टी के लिए शुभ संकेत माना जा रहा है। इसे लेकर अन्य दल भी अपनी रणनीति तैयार कर रहे हैं।
क्षेत्रीय पार्टियों को जोड़ने का बीजेपी को मिलेगा लाभ
मंत्री महेंद्रनाथ पांडेय
देखा जाए तो पिछले विस चुनाव में भारतीय समाज पार्टी का गठजोड़ बाहुबली मुख्तार अंसारी की घरेलू पार्टी कौमी एकता दल के साथ था। जबकि इस बार अंसारी बंधुओं ने भासपा से अपना नाता तोड़ लिया है। अभी हाल ही में अंसारी बंधु बसपा में शामिल हुए हैं।
गठबंधन के शुरूआती समय में भासपा ने कुल 39 सीटों की मांग की थी। बाद में 22 सीटों पर बात तय हुई, लेकिन अंतत: भासपा को केवल आठ सीटें ही मिली थीं। भासपा और भाजपा गठबंधन से बसपा, सपा, कांग्रेस के उम्मीदवार डरे-सहमे हुए हैं। भासपा पूर्वांचल को अलग राज्य बनाने और पूर्वांचल के विकास को लेकर मैदान में उतरी है।
उधर शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय ने सहयोगी पार्टी भासपा की बरेसर भवदास में आयोजित रैली के दौरान भासपा की आठ में से छह सीटों पर भारतीय समाज पार्टी के उम्मीदवारों की घोषणा की। केंद्रीय मंत्री ने भासपा के छह उम्मीदवारों के नाम पढ़े।
जिसमें भासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर को जहूराबाद से टिकट दिए जाने की घोषणा की। इसके साथ ही बांसडीह सीट से उनके बेटे अरविंद राजभर को उम्मीदवार बनाया है।
उनके अलावा गाजीपुर की जखनियां सीट से त्रिवेणी राम, मऊ सदर महेंद्र राजभर, शाहगंज जौनपुर राणा अजीत प्रताप सिंह और मेहनगर आजमगढ़ के लिए अरविंद कन्नौजिया मुकाबिल होंगे। शेष दो अजगरा वाराणसी तथा रामकोला कुशीनगर के उम्मीदवारों की घोषणा बाद में होगी। उम्मीदवारों के मैदान में उतरते ही अन्य दलों में खलबली मच गई है।