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UP: भाजपा नेता पंकज चौधरी ने विपक्ष पर साधा निशाना, कहा- मनरेगा में सुधार भ्रष्टाचार के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक

Thu, 08 Jan 2026 11:28 AM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: वाराणसी दौरे पर आए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि एसआईआर में वोट कटना चिंता का विषय है, भाजपा कार्यकर्ता खुद मतदाता सूची का मिलान कर रहे हैं। 
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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने एसआईआर को लेकर कांग्रेस पर हमला बोला। कहा कि कांग्रेस जानबूझकर भ्रम फैला रही है। एसआईआर पूरी तरह से चुनाव आयोग की प्रक्रिया है। भाजपा एक जिम्मेदार राजनीतिक दल होने के नाते इसे लेकर धरातल पर जागरूकता फैला रही है। एक सवाल का जवाब देते समय उन्होंने कहा कि जो मतदाता सूची सामने आई है। अधिक वोट कटने की शिकायतें चिंता का विषय हैं। भाजपा कार्यकर्ता भी सूची का मिलान कर पात्रों का नाम जुड़वाने में लगे हैं।

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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने सपा के पीडीए कैलेंडर पर तंज कसते हुए कहा कि सपा खुद तय करे कि पीडीए का मतलब क्या है, क्योंकि वे आए दिन उसका अर्थ बदलते रहते हैं। भाजपा के ब्राह्मण विधायकों के बैठक करने के सवाल पर कहा कि भाजपा सर्वसमाज की पार्टी है और बिना भेदभाव के काम कर रही है। उन्होंने कहा कि वीबी-जी रामजी अधिनियम 2025 भ्रष्टाचार के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक है।

कहा कि कांग्रेस ने अपने परिवार के नाम पर कई योजनाएं चलाई है, लेकिन जी-रामजी के नाम पर उन्हें आपत्ति है। कहा कि मनरेगा योजना में संरचनात्मक और क्रियान्वयन से जुड़ी गंभीर कमियां थीं। गुणवत्ता खराब थी, अस्थायी सड़कें और अधूरी जल संरचनाएं बनती थीं, जिससे सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ। एक ही काम को बार-बार दिखाकर भुगतान लेने की प्रवृत्ति थी, जबकि वास्तविक एसेट तैयार नहीं हो पा रहे थे। कई राज्यों में अनियमितताओं के चलते बजट रोकना भी पड़ा।
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एनडीए सरकार ने विकसित भारत रोजगार गारंटी एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम 2025 से खामियों को दूर करने का प्रयास किया है। इस कानून में जवाबदेही तय की गई है और मौसम व खेती के समय को ध्यान में रखते हुए 60 दिनों तक कार्य रोकने, 20-20 दिन के चरणों में काम कराने की व्यवस्था की गई है।

उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए टेक्नोलॉजी-सेंट्रिक अप्रोच अपनाई गई है। जियो-टैगिंग, सैटेलाइट इमेजिंग, रियल टाइम ट्रैकिंग के लिए मोबाइल ऐप, एआई आधारित धोखाधड़ी पहचान तंत्र और बायोमेट्रिक सत्यापन जैसे प्रावधान किए गए हैं। मजदूरी भुगतान में देरी पर सख्त प्रावधान किए गए हैं। सात दिनों के भीतर भुगतान अनिवार्य है।

यदि 15 दिनों से अधिक देरी होती है तो ब्याज देना होगा। काम न मिलने की स्थिति में 125 दिनों तक रोजगार भत्ता देने की व्यवस्था भी कानून में की गई है। उन्होंने कहा कि 2006 से 2014 तक यूपीए सरकार द्वारा मनरेगा पर करीब 2 लाख 12 हजार 949 करोड़ रुपये खर्च किए गए, जबकि 2014 के बाद एनडीए सरकार ने 8 लाख 48 हजार 140 करोड़ रुपये यानि चार गुना अधिक राशि खर्च कर योजनाओं को मजबूती दी।

प्रेसवार्ता में क्षेत्रीय अध्यक्ष दिलीप पटेल, सांसद अमरपाल मौर्या, कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर, जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा, एमएलसी धर्मेंद्र सिंह, क्षेत्रीय मीडिया प्रभारी नवरतन राठी व सह प्रभारी संतोष सोलापुरकर मौजूद रहे।

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