फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मुख्यमंत्रियों की पत्नियों का काशी भ्रमण: देखा अखंड भारत माता मंदिर, बनारस में की शॉपिंग

Tue, 14 Dec 2021 09:28 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

रेका के प्रशासनिक भवन में प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की। वहीं, पत्नियां बच्चों के साथ काशी भ्रमण पर निकल गईं। इस दौरान सभी संकट मोचन मंदिर, भारता माता मंदिर और बनारसी साड़ी भी खरीदने गईं।
विज्ञापन
भारता माता मंदिर देखने के बाद बाहर मुख्यमंत्रियों की पत्नियां। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

काशी विश्वनाथ लोकार्पण उत्सव पर आए भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की पत्नियों को बनारस भा गया। मंगलवार को सुबह कई मुख्यमंत्रियों की पत्नियां काशी विद्यापीठ रोड स्थित अखंड भारत माता मंदिर देखने पहुंचीं। उनके साथ आए गाइड ने उन्हें मंदिर के इतिहास के बारे में विस्तार से बताया।

विज्ञापन


बताया कि भारत मां के इस मंदिर के निर्माण के पीछे बाबू शिवप्रसाद गुप्त का उद्देश्य था कि ये एक ऐसी जगह होगी, जहां अपने वतन से प्रेम करने वाले लोग किसी भी जाती धर्म या संप्रदाय का हो वो आसानी से बिना किसी रोक-टोक के यहां आ सकें और स्वतंत्रता आंदोलन को मजबूत किया जा सके।

मुख्यमंत्रियों की पीएम के साथ बैठक, पत्नियों ने घूमा बनारस
बरेका के प्रशासनिक भवन में प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की। वहीं, पत्नियां बच्चों के साथ संकट मोचन के दर्शन करने के लिए निकल गईं। इसके बाद बड़ालालपुर पं. दीनदयाल हस्तकला संकुल में मुख्यमंत्रियों की पत्नियों ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की पत्नी के साथ बनारसी साड़ी और ज्वेलरी की खरीदारी की। इसके अलावा बनारसी कचौड़ी संग मलइयो का भी स्वाद चखा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रता माता के मंदिर का निर्माण 30 मजदूर और 25 राज मिस्त्री किया था। इनके नाम मंदिर के दीवार पर उकेरे हुए हैं। इस मंदिर के मध्य में मकराना संगमरमर पर अफगानिस्तान, बलूचिस्तान, पाकिस्तान, बांग्लादेश, बर्मा (अब म्यामांर) और सेलोन (अब श्रीलंका) समेत अविभाजित भारत का एक मानचित्र है।

मानचित्र की खासियत ये है कि इसमें करीब 450 पर्वत शृंखलाओं और चोटियों, मैदानों, जलाशयों, नदियों, महासागरों और पठारों समेत कई भौगोलिक ढांचों का बारीकी से नक्शा बनाया गया है और यहां मंदिर के नीचे ऐसी भी एक जगह है जहां से इस मानचित्र पर उकेरी गई पर्वत श्रंखला और नदियां सभी को आसनी से देखा और महसूस किया जा सकता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें