रता माता के मंदिर का निर्माण 30 मजदूर और 25 राज मिस्त्री किया था। इनके नाम मंदिर के दीवार पर उकेरे हुए हैं। इस मंदिर के मध्य में मकराना संगमरमर पर अफगानिस्तान, बलूचिस्तान, पाकिस्तान, बांग्लादेश, बर्मा (अब म्यामांर) और सेलोन (अब श्रीलंका) समेत अविभाजित भारत का एक मानचित्र है।
मानचित्र की खासियत ये है कि इसमें करीब 450 पर्वत शृंखलाओं और चोटियों, मैदानों, जलाशयों, नदियों, महासागरों और पठारों समेत कई भौगोलिक ढांचों का बारीकी से नक्शा बनाया गया है और यहां मंदिर के नीचे ऐसी भी एक जगह है जहां से इस मानचित्र पर उकेरी गई पर्वत श्रंखला और नदियां सभी को आसनी से देखा और महसूस किया जा सकता है।