फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी सरकार के खिलाफ धरने पर बैठे भाजपा विधायक, प्रशासन के छूटे पसीने

Mon, 29 Jan 2018 11:00 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भदोही
विज्ञापन
धरने पर बैठे औराई विधायक दीनानाथ भाष्कर को समझाते डीएम विशाख जी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश सरकार के एक विधायक ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। ‌विधायक ने सरकार में भ्रष्टाचार होने का आरोप लगाया। भदोही जिले के औराई से भाजपा विधायक दीनानाथ भाष्कर सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए रविवार को औराई तहसील में धरने पर बैठ गए। 
विज्ञापन


इससे प्रशासन में हड़कंप मच गया। आठ घंटे बाद डीएम के आश्वासन शाम सात बजे उन्होंने धरना समाप्त कर दिया। सुरक्षा के मद्देनजर औराई, गोपीगंज, ज्ञानपुर समेत कई थानों की पुलिस एवं पीएसी तैनात रही।

रविवार सुबह 11 बजे दीनानाथ भाष्कर समर्थकों संग औराई तहसील पहुंचे और भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग का एलान करते हुए धरने पर बैठ गए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भ्रष्टाचार को खत्म करने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन जिले के अधिकारी-कर्मचारी छोटे-बड़े हर कार्य के लिए रिश्वत मांग रहे हैं।
विज्ञापन


शिकायत करने पर उच्चाधिकारी उस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। तहसील और थाना दिवस में आने वाली शिकायतों का निस्तारण भी नहीं हो रहा है। डीएम केनिर्देश पर एसडीएम के धरनास्थल पर पहुंचने पर विधायक ने नाराजगी जताई।
Trending Videos
विज्ञापन

पहले भी लगा चुके हैं आरोप

दीनानाथ भाष्कर और जिलाध्यक्ष हौसिला पाठक से वार्ता करते डीएम विशाख जी - फोटो : अमर उजाला
करीब आठ घंटे बाद डीएम और एसपी स्वयं धरनास्थल पर आए और विधायक की समस्याओं को सुना व उनके निस्तारण का आश्वासन दिया इसकेबाद धरना समाप्त हुआ। विधायक ने डीएम को समस्याओं से संबंधित ज्ञापन भी सौंपा। 

इससे पहले यूपी दिवस पर विधायक दीनानाथ भाष्कर ने भी अफसरों की कार्यप्रणाली की आलोचना की थी। डीएम और एसपी की मौजूदगी में उन्होंने कहा था कि विधायकों के पहुंचने पर अधिकारी सीट छोड़कर नहीं उठते हैं। क्या यही प्रोटोकाल है?

चोरी और आपराधिक घटनाएं बढ़ रही हैं, लेकिन वर्कआउट के नाम पर कुछ नहीं हो रहा है। जमीन से जुड़े किसी कार्य के लिए अगर राजस्व का अधिकारी निर्देश देता है कि काम होने दिया जाए तो पुलिस का अधिकारी फोन कर उस काम को रोक देने का निर्देश देता है। उन्होंने सवाल उठाया कि जमीन से जुड़े मसले में पुलिस का अधिकारी कैसे हस्तक्षेप कर सकता है। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें