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UP Result: पूर्वांचल में भाजपा को 12 सीटों का नुकसान, सपा को ढाई गुना ज्यादा फायदा, बसपा एक सीट पर सिमटी 

Fri, 11 Mar 2022 10:18 AM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

वाराणसी, मिर्जापुर, सोनभद्र में क्लीन स्वीप के अपने प्रदर्शन को दोहराने वाली भाजपा ने इस बार सपा के मजबूत गढ़ आजमगढ़ में अपनी एक मात्र सीट को भी गंवा दिया है।
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bjp and sp - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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 पूर्वांचल के 10 जिलों की 61 सीटों पर भाजपा को पिछले चुनाव के मुकाबले 12 सीटों का नुकसान हुआ है। भाजपा को 10 जिलों में 29 सीटों पर विजय मिली है, जबकि सपा ने पिछले प्रदर्शन को सुधारते हुए ढाई गुनी सीटों पर कब्जा जमाया है। वर्ष 2017 में महज 12 सीटों पर सिमटने वाली सपा ने यहां 31 सीटों पर जीत दर्ज कर अपना प्रदर्शन सुधारा है।

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बसपा केवल एक सीट पर ही विजय पा सकी है और कांग्रेस अपना खाता भी नहीं खोल पाई है, जबकि पिछले चुनाव में बसपा को सात और कांग्रेस को एक सीट यहां से मिली थी। वाराणसी, मिर्जापुर, सोनभद्र में क्लीन स्वीप के अपने प्रदर्शन को दोहराने वाली भाजपा ने इस बार सपा के मजबूत गढ़ आजमगढ़ में अपनी एक मात्र सीट को भी गंवा दिया है।

गाजीपुर में अपनी पांच सीटों को खो दिया है। यहां पिछले चुनाव में तीन सीटों पर भाजपा और दो सीटों पर तत्कालीन सहयोगी पार्टी सुभासपा को जीत मिली थी। ऐसे ही बलिया और जौनपुर में भी भाजपा को सीटों का नुकसान हुआ है। सपा ने क्षेत्रीय क्षत्रपों को इस चुनाव में साथ लेकर अपने प्रदर्शन में सुधार किया है।

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सुभासपा से गठबंधन कर मजबूत हुई सपा

पूर्वांचल में सपा ने भाजपा की बराबरी का प्रदर्शन किया है। इसके पीछे भाजपा और सुभासपा के बीच गठबंधन को भी बड़ी वजह माना जा रहा है। राजभर बहुल विधानसभाओं में सपा ने प्रदर्शन सुधारा है और कई जगहों पर जीत भी दर्ज की है। इसके अलावा बांदा जेल में बंद मऊ सदर विधायक व माफिया मुख्तार अंसारी परिवार को भी साथ रखने का फायदा सपा को मिला। इस परिवार ने दो सीटों पर जीत के साथ ही अपने प्रभाव वाले क्षेत्रों के मुस्लिम मतों को सपा के पाले में सहेजा है।

पूर्वांचल ने बाहुबलियों को नकारा

विधानसभा चुनाव में पूर्वांचल ने बड़ा संदेश देते हुए बाहुबलियों को नकार दिया है। ज्ञानपुर से चार बार विधायक रहे जेल में बंद विजय मिश्र तीसरे नंबर पर खिसक गए। जौनपुर की मल्हनी से मैदान में उतरे पूर्व सांसद धनंजय सिंह भी सपा के लकी यादव से पिछड़ गए। हालांकि कुछ जगहों पर बाहुबली जनता के समर्थन से विधानसभा पहुंचने में सफल भी हुए हैं।

पीएम के तप का काशी की जनता ने रखा मान

वाराणसी में पीएम मोदी का रोड शो - फोटो : Agency
काशी में पीएम नरेंद्र मोदी के मैजिक का कमाल बृहस्पतिवार को दिखा। पीएम के संसदीय क्षेत्र की सभी आठ विधानसभा सीटों पर भाजपा और सहयोगी दलों अपना दल सोनेलाल ने जीत हासिल की। विरोधियों के खाते में एक भी सीट नहीं गई। बीते विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव की तरह इस विधानसभा चुनाव में भी मोदी का जादू जमकर चला।

प्रत्याशियों की घोषणा के बाद से तमाम उतार-चढ़ाव के बीच जैसे-जैसे मतदान का दिन करीब आता गया, पार्टी हाईकमान वाराणसी की सीटों पर जीत को लेकर पुख्ता रणनीति को अंजाम देता गया। अमित शाह, ने नदेसर स्थित होटल में कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर कार्ययोजना बनाई।

कई बड़े दिग्गज नेता लगातार  नामांकन के बाद से ही कार्यकर्ताओं और वोटरों के बीच खूब पसीना बहाया। 27 फरवरी को पीएम मोदी ने बूथ कार्यकर्ताओं के साथ संवाद करने के बाद चार मार्च को रोड शो और पांच मार्च को जनसभा तक खुद प्रधानमंत्री मोदी वाराणसी में रहे। लोकसभा चुनाव में भी काशी को केंद्र बनाकर पीएम ने दिल्ली में सरकार बनाई और इस बार भी प्रदेश के चुनाव का केंद्र काशी को बनाया, जिसका लाभ पार्टी को मिला। हालांकि शहर दक्षिणी सीट से आखिर तक सपा के प्रत्याशी ने नीलकंठ तिवारी को कांटे की टक्कर दी।
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चुनावी विशेषज्ञों की माने तो चुनाव में सपा ने भाजपा को टक्कर तो दी, लेकिन सपा किला फतह करने में कामयाब नहीं हो सका। पीएम ने जनसभा किया, रोड शो किया, विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन, प्रबुद्धजनों से मुलाकात किया।  

लगातार दो दिनों तक वे काशी के हर आम-औ-खास के करीब रहे। मतदान के दिन तक इसकी चर्चा लोगों में होती रहीं। पार्टी के डैमेज कंट्रोल के मद्देनजर उठाया गया उनका यह कदम, वोटरों को रिझाने में कामयाब रहा और जिले की सभी सीटों पर भगवा परचम फहराया। 
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