बता दें कि कोरोना पॉजिटिव होने आने पर भाजयुमो के क्षेत्रीय मंत्री पवन पाल को जिला महिला अस्पताल परिसर में बने एल-2 अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां 20 अक्तूबर को स्वास्थ्य कर्मचारियों से झड़प हुई थी। स्वास्थ्य कर्मचारियों ने भाजयुमो नेता पर अभद्रता और मारपीट का आरोप लगाया था, जबकि भाजयुमो नेता ने स्वास्थ्य कर्मचारियों के विरुद्ध मारपीट की शिकायत की थी।
इस मामले में स्वास्थ्य विभाग ने ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक व कर्मचारियों को कोरोना वार्ड से हटा दिया था। तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की गई थी। इस बीच रिपोर्ट निगेटिव आने पर पवन को डिस्चार्ज कर दिया गया। अब अस्पताल से बाहर आने के बाद भाजयुमो नेता ने सीएम योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर अविलंब जांच कराकर स्वास्थ्य कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
चेतावनी दी है कि एक सप्ताह के भीतर विधिक कार्रवाई नहीं की हुई तो मुख्यमंत्री आवास के सामने तेल छिड़ककर अपनी जीवन लीला समाप्त कर लूंगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी। वहीं धनगर समाज के जिला इकाई संगठन के पदाधिकारियों ने भी डीएम से मिलकर आरोपी कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। भाजयुमो नेता पवन पाल ने बताया कि भाजपा संगठन मंत्री सुनील बंसल, भाजपा क्षेत्रीय संगठन मंत्री रत्नाकर चतुर्वेदी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने भाजपा नेता से फोन कर मामले की जानकारी ली और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया है।