अवैध नियुक्ति पर 2001 से वेतन ले रहे पूर्व माध्यमिक विद्यालय के सात अध्यापकों की सेवा समाप्त कर दी गई। जौनपुर के महराजगंज विकास खंड में स्थित श्रीराजनारायण पूर्व माध्यमिक विद्यालय शंकरगंज के जिन अध्यापकों के खिलाफ कार्रवाई की गई है उसमें तीन बार विधायक रहीं भाजपा की सीमा द्विवेदी भी शामिल हैं।
अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा राज प्रताप सिंह ने हाईकोर्ट के निर्देश पर यह कार्रवाई की है। 31 जुलाई को जारी आदेश के जिले में आते ही शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया।
श्रीराजनारायण पूर्व माध्यमिक विद्यालय शंकरगंज में शिक्षकों के आठ पदों के मुकाबले 15 शिक्षकों की नियुक्ति कर दी गई थी। जितेंद्र कुमार गोयल ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल कर नियुक्तियों की जांच कराने की मांग की थी।
इस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने 23 जून 2017 को शिक्षकों की नियुक्ति को अवैध करार देते हुए राज्य सरकार को कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। कोर्ट के आदेश के अनुपालन में अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा राज प्रताप सिंह ने 28 जुलाई को सुनवाई की और 31 जुलाई को सभी सात शिक्षकों की सेवा समाप्त करने का आदेश जारी किया।
मुख्य सचिव का आदेश बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पहुंचते ही शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। जिन शिक्षकों की सेवा समाप्त की गई है उनमें भाजपा से तीन बार विधायक रहीं सीमा द्विवेदी, अखिलेश कुमार सिंह, राममनोरथ यादव, अमरेंद्र बहादुर यादव, रामजी मिश्र, जगदीश प्रसाद मिश्र और अतुल कुमार दुबे शामिल हैं।
आदेश के खिलाफ कोर्ट जाएंगे शिक्षक
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इनमें जगदीश प्रसाद मिश्र की नियुक्ति 1988 में और अन्य छह शिक्षकों की नियुक्ति 17 जनवरी 1991 को हुई थी। विद्यालय 1998 में अनुदान सूची में आया था और सभी शिक्षक 2001 से वेतन ले रहे थे।
इनमें से सीमा द्विवेदी की वर्तमान तैनाती इंदू बालिका पूर्व माध्यमिक विद्यालय शाहपुर सिकरारा में है। 24 अप्रैल 2002 को सीमा का तबादला शंकरगंज से शाहपुर के लिए कर दिया गया था।
श्रीराजनारायण पूमावि के जिन सात शिक्षकों की सेवा समाप्त की गई है वे अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा के आदेश के खिलाफ कोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं। शिक्षक सीमा द्विवेदी का कहना है कि अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा ने शासनादेश का ठीक से अध्ययन किए बिना ही आदेश जारी कर दिया है।
2013 का शासनादेश है कि वर्ष 2010 के पहले से पद सृजन से अधिक जिन शिक्षकों की नियुक्ति हुई है उनका वेतन न रोका जाए। बीएसए डा. राजेंद्र सिंह ने कहा कि श्रीराजनारायण पूर्व माध्यमिक विद्यालय शंकरगंज के सात शिक्षकों की सेवा समाप्त कर दी गई है। शिक्षकों की सेवा समाप्ति की सूचना से विद्यालय प्रबंध समिति को भी अवगत करा दिया गया है।
एडी बेसिक की जांच में शिक्षकों को दी गई थी क्लीन चिट
हाईकोर्ट के आदेश पर जिन सात शिक्षकों की सेवा समाप्त की गई है उनकी जांच इसके पहले 2010 में एडी बेसिक, बेसिक शिक्षा अधिकारी और वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक शिक्षा की संयुक्त टीम ने भी की थी। उस जांच में सभी को ने क्लीन चिट दे दी गई थी।
2010 में शासन के निर्देश पर पूरे प्रदेश में ऐसे शिक्षकों की जांच हुई थी जिनकी नियुक्ति बिना पद के कर दी गई हो। उस वक्त एडी बेसिक वाराणसी सतीश सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी धीरेंद्रनाथ सिंह, वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक शिक्षा अनिल सिंह ने जांच कर शासन को रिपोर्ट दी थी कि जिले में बिना पद के किसी शिक्षक की नियुक्ति नहीं की गई है।