निकाय चुनाव में भाजपा को बागियों का डर सताने लगा है। वाराणसी में टिकट पाने वाले सभी मेयर, पार्षदों, नगर पालिका व नगर पंचायतों के अध्यक्षों और सभासदों की बैठक कर इसके लिए कार्ययोजना तैयार की गई है। इसमें चुनाव की रणनीति पर चर्चा की गई। साथ ही बागियों से निबटने के लिए भी कार्ययोजना तैयार की गई।
बुधवार को वाराणसी के माहेश्वरी भवन महमूरगंज में हुई महानगर की बैठक में निकाय चुनाव प्रभारी सलिल विश्नोई ने चुनावी टिप्स दिए। महानगर के नौ मंडलों में कमेटी गठित की गई। जो चुनाव के दौरान व्यवस्था दायित्व का निर्वहन करेगी।
पार्टी ने रणनीति बनाई है कि जो वार्ड भाजपा के हैं वहां तो ध्यान देना ही है। जिन वार्डों में दूसरी पार्टियों का कब्जा है वहां किस प्रकार से जनता के बीच जाना है। उन्हें विकास के बारे में बताना है। जब केंद्र, राज्य और वार्ड में भाजपा की सरकार होगी तो चहुंओर विकास होगा।
जिन वार्डों में बागियों ने खड़े होकर भाजपा प्रत्याशियों का समीकरण बिगाड़ दिया है वहां पदाधिकारियों को भेजा गया है। समझाने बुझाने के बाद भी नाम वापसी वाले दिन 10 को उनका नाम वापस कराया जाएगा।
निकाय चुनाव प्रभारी ने कहा कि जनसंपर्क के लिए कार्ययोजना तैयार की गई है। केंद्र की मोदी और राज्य की योगी सरकार की उपलब्धियों का बखान प्रत्याशी जनता से करेंगे। बागियों के सवाल पर कहा कि अब तक बागियों की कोई सूची नहीं आई है।
बावजूद इसके चुनिंदा पदाधिकारियों को मनाने के लिए लगाया गया है। पूरा विश्वास है कि पार्टी के कार्यकर्ता मान जाएंगे। जो नहीं मानेंगे उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।