भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की ओर से बुधवार को मैदागिन स्थित पराड़कर भवन में भाईचारा सम्मेलन का आयोजन किया गया। अतिथियों एवं पार्टी पदाधिकारियों ने जातिगत जनगणना के मुद्दे पर चर्चा की। मुख्य वक्ता पूर्व सांसद सुभाषिनी अली ने कहा कि भाजपा सरकार व आरएसएस समाज में हिंदू-मुस्लिम के बीच नफरत पैदा कर रही है।
उन्होंने कहा, जिस तरह से मजहब के आधार पर अल्पसंख्यकों पर हमले किए जा रहे हैं। यह देश की एकता, भारतीय संविधान व लोकतंत्र के लिए बहुत खतरनाक हैं। हिंदू एकता की बात करने वाले दलितों, आदिवासियों और महिलाओं को समानता का अधिकार नहीं देना चाहते हैं। पार्र्टी के सचिव डॉ. हीरा लाल यादव ने कहा कि योगी सरकार संविधान और लोकतंत्र की मर्यादाओं को ताक पर रखकर अल्पसंख्यकों, दलितों एवं आदिवासियों को शिकार बना रही है। धार्मिक एवं जातिगत आधारों पर भेदभाव, उत्पीड़न व हमले बहुत बढ़ गए हैं। इस दौरान जयशंकर सिंह, मुनीजा खान, अमरनाथ राजभर, नंदलाल पटेल, शिवनाथ यादव, महफूज आलम मुन्ना, कुंवर सुरेश सिंह, राकेश पाठक, आदि मौजूद रहे।