सातवें और आखिरी चरण के चुनाव के लिए बसपा के अलावा सभी दलों के असंतुष्ट या तो नामांकन कर चुके हैं या इसकी तैयारी में हैं, वहीं बगावत की हवा थामने के लिए पार्टियों के पदाधिकारी भी सक्रिय हो गए हैं। सभी पार्टियों ने अपने-अपने हिसाब से योजना भी बनाई है।
भाजपा-अपना दल (सोनेलाल) गठबंधन की योजना है कि जो लोग नामांकन कर लेंगे, उनसे 17 फरवरी को नाम वापसी के समय पर्चा वापस दिलवा दिया जाएगा। इस काम में आरएसएस के कर्मठ कार्यकर्ताओं के अलावा भाजपा के पुराने पदाधिकारियों को अपने स्तर से लोगों को बैठाने में जुट गई है।
कैंट में भाजपा के सौरभ श्रीवास्तव का विरोध करने वाले पार्टी के पार्षदों ने भी अपने बीच के एक पार्षद का नामांकन कराने की तैयारी की है।
दक्षिणी में नीलकंठ तिवारी का विरोध करने वाले कुछ पार्षद फिलहाल विधायक श्याम देव राय चौधरी दादा के साथ खड़े हैं। उत्तरी में विधायक रवींद्र जायसवाल का विरोध करने वाले सुजीत सिंह टीका ने बुधवार को नामांकन कर दिया।
भाजपा छोड़ निर्दल चुनाव लड़ने वाले डॉ. अशोक कुमार सिंह नामांकन कर चुके हैं। रोहनिया में सुरेंद्र नारायण सिंह का विरोध करने वाले भाजयुमो के प्रदेश उपाध्यक्ष मनीष कुमार सिंह भी नामांकन करने का दावा कर रहे हैं।
उधर, पिंडरा में भाजपा-अद (एस) गठबंधन सीट पर भाजपा के अवधेश सिंह को टिकट मिलने के बाद अद (एस) के सुनील पटेल भी पार्टी से नाराज हो गए हैं। सेवापुरी में इसी गठबंधन से अद (एस) प्रत्याशी नीलरतन पटेल का विरोध करने वाले विभूति नारायण राय भाजपा छोड़कर अपना दल से चुनाव लड़ेंगे।
अजगरा में भासपा-भाजपा गठबंधन के प्रत्याशी कैलाश सोनकर को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं में नाराजगी है।
सपा-कांग्रेस गठबंधन भी असंतोष की खामियों से बच नहीं पाया
प्रचार करने से बच रहीं राबिया और रीबू
सपा-कांग्रेस गठबंधन भी असंतोष की खामियों से बच नहीं पाया है। पूर्व विधायक राबिया कलाम इस बार भी उत्तरी सीट से दावेदार थीं लेकिन कांग्रेस ने सपा से समद अंसारी को टिकट दे दिया। राबिया इसका विरोध कर रही थीं।
समद के चुनाव प्रचार को लेकर राबिया का रुख अभी तक स्पष्ट नहीं है।
कांग्रेस नेता राम प्रकाश ओझा और कांग्रेस कैडर से जुड़े भुवनेश्वर द्विवेदी कैंट से चुनाव लड़ने के लिए ताल ठोंक चुके हैं। वह सपा-कांग्रेस गठबंधन के प्रत्याशी अनिल श्रीवास्तव का विरोध कर रहे हैं।
सपा नेत्री रीबू श्रीवास्तव भी अनिल के खिलाफ हैं। रीबू को अभी भी टिकट मिलने का इंतजार है।
अनिल के प्रचार के बारे में पूछने पर उनका कहना था कि अभी नामांकन में वक्त है। टिकट के लिए उनका संघर्ष जारी है।
रोहनिया से सपा के बागी नेता नागा यादव की पत्नी पार्वती सपा के घोषित प्रत्याशी महेंद्र पटेल के खिलाफ चुनाव लड़ रही हैं।
अद (एस) कार्यकर्ता करेंगे गठबंधन का प्रचार
अनुप्रिया पटेल
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अद (एस) के कार्यकर्ताओं की बैठक अजगरा में हुई। इसमें पार्टी के जिलाध्यक्ष नरेंद्र पटेल ने कहा कि उनकी पार्टी के कार्यकर्ता भासपा-भाजपा गठबंधन प्रत्याशी कैलाश सोनकर का समर्थन करेंगे। उनका प्रचार-प्रसार भी करेंगे।
जिलाध्यक्ष ने बताया कि टिकट नहीं मिलने से नाराज पिंडरा के सुनील पटेल और रोहनिया में टिकट वापस लेने से नाराज उदय सिंह पटेल से फोन पर बातचीत की गई है।
पिंडरा और रोहनिया के असंतुष्टों को बातचीत कर मना लिया गया है।