उस्ताद बिस्मिल्लाह खां को भारत रत्न
पुण्यतिथि पर रविवार को शहनाई के जादूगर भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खां खूब याद आए। संगीत प्रेमियों, चाहने वालों ने उन्हें शहनाई के सुरों के जरिए याद किया तो दरगाह-ए-फातमान स्थित उनके मकबरे पर चाहने वालों का तांता लगा रहा। उस्ताद को पुष्पांजलि देने हिंदू भी पहुंचे और मुसलमान भी।
उस्ताद बिस्मिल्लाह खां के मकबरे पर सुबह 10 बजे से ही चाहने वालों की भीड़ लगने लगी। उस्ताद बिस्मिल्लाह खां शहनाई एकेडमी के तत्वावधान में कुरान ख्वानी की गई। जोश, अकीदत, उत्साह के साथ उनकी मजार पर लोगों ने पुष्पांजलि अर्पित की। इस दौरान उस्ताद के प्रिय नौहों के बोल भी गूंजते रहे। पिंडरा के विधायक अजय राय ने दरगाह-ए-फातमान पहुंच कर उस्ताद के मकबरे पर फूल चढ़ाए। इनके अलावा बनारस घराने के संगीतकारों का भी जमावड़ा लगा रहा।
तबला सम्राट पं. किशन महाराज के पुत्र पं. पूरन महाराज, सरोद वादक विकास महाराज, प्रमोद वर्मा, शम्सी, शफक रिजवी, नरेंद्र गुप्ता, काबे अली, विनय चौरसिया, कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रजानाथ शर्मा समेत तमाम लोगों ने उस्ताद को नमन किया। इस मौके पर उनकी मजार पर पुष्प चढ़ाने के लिए उनकी बड़ी पुत्री जरीना बेगम, अजरा बेगम भी पहुंची। दोनों बेटियों ने नौहें पेश किए। उनके पुत्र शहनाई वादक उस्ताद जामिन हुसैन,तबला वादक नाजिम हुसैन, शकील अहमद जादूगर, पोते आफाक हैदर, नजमुल हसन समेत तमाम लोग उपस्थित थे।