महात्मा गांधी के साथ महामना मालवीयजी।
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1936 में प्रकाशित किताब में है दान का जिक्र
बीएचयू में बिड़ला के योगदान का बड़ा जिक्र 1936 में प्रकाशित एक पुस्तक में है। बीएचयू के पूर्व कोर्ट सदस्य वी सुंदरम की किताब बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी किताब के अनुसार, विश्वविद्यालय स्थापना के दानकर्ताओं की सूची में बिड़ला परिवार का नाम सबसे ऊपर है।
आज से करीब 120 साल पहले इन्होंने कुल आठ लाख 36 हजार 700 सौ रुपये विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए दान किए थे। बलदेव दास बिड़ला और उनके चारों पुत्र सेठ जुगल किशोर, सेठ रामेश्वर दास, घनश्याम दास बिड़ला और बृज मोहन बिड़ला का नाम दानकर्ताओं में है। इसी किताब के मुख्य पृष्ठ पर बीएचयू के विश्वनाथ मंदिर के प्रस्ताव का एक रेखाचित्र भी प्रकाशित है।
इतिहास विभाग और आर्काइव प्रमुख प्रो. ध्रुव कुमार सिंह ने बताया कि बिड़ला परिवार ने 77 मीटर ऊंचा विश्वनाथ मंदिर और बिड़ला हॉस्टल के साथ ही इंजीनियरिंग के छात्रों के लिए लिंबडी हॉस्टल भी बनवाया था। महामना के गुजरने के बाद घनश्याम दास बिड़ला ने मंदिर का कार्य पूरा कराया और 1966 में इसे पूरी तरह से लोगों के लिए खोल दिया गया।
बीएचयू हाॅस्टलों की 100 साल पुरानी तस्वीर।
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2004, 1967 और 1936 में बीएचयू से बिड़ला को मिली डी. लिट उपाधि
बीएचयू के पूर्व विशेष कार्याधिकारी डॉ. विश्वनाथ पांडेय ने बताया कि बीएचयू ने बिड़ला परिवार के तीन सदस्यों को डी. लिट की उपाधि दी है। 12 सितंबर 2004 को बीएचयू के तत्कालीन कुलपति प्रो. रामा चंद्ररॉव ने 86वें दीक्षांत में कुमार मंगलम को ऑनरेरी कॉजा डी. लिट की उपाधि से नवाजा था। सम्मानित करने का निर्णय बीएचयू की एकेडमिक काउंसिल और एग्जीक्यूटिव काउंसिल ने लिया था। उनके पुरखे राजा बलदेव दास बिड़ला को महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने 1937 में ही डी. लिट की उपाधि दी थी, जबकि 1967 में उनके बेटे घन श्याम दास बिड़ला को भी यही उपाधि दी गई।
बलदेव बिड़ला और उनकी मूर्ति के साथ जीडी बिड़ला।
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निबंध प्रतियोगिता के विजेता पुरस्कृत
काशी विद्यापीठ में सतर्कता जागरूकता सप्ताह के तहत निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को कुलपति प्रो.आनंद कुमार त्यागी ने पुरस्कृत किया। उन्होंने कहा कि जीवन में कर्तव्यों का सही निर्वहन न करने से ही भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलता है। ऐसे में सत्यनिष्ठा के साथ जीवन में काम करते रहने की जरूरत है।
पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड और विश्वविद्यालय के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में कुलपति ने कहा कि यदि विश्वविद्यालय स्तर पर कहीं भ्रष्टाचार दिखे या किसी प्रकार का भेदभाव हो तो उसकी सूचना विश्वविद्यालय सक्षम अधिकारी को देनी चाहिए। साथ ही अपने जीवन में किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार न होने दे एवं इसका विरोध करें। पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन के वरिष्ठ उप महाप्रबंधक राजकुमार ने विद्यार्थियों को सत्यनिष्ठा के शपथ को याद दिलाते हुए उसका अनुपालन करने का संदेश दिया।