आराजीलाइन (सं.)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आदर्श गांव जयापुर के लोगों को अब शौच के लिए बाहर नहीं जाना होगा। नए साल में गांव में 16 बायो टायलेट (जैविक शौचालय) बनाए जाएंगे।
इससे दो फायदे होंगे। इससे पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा। साथ ही, इससे निकलने वाले अवशेष खेती के लिए बेहद उपयोगी साबित होंगे। गांव में जैविक शौचालय स्थापित करने का जिम्मा प्री स्टार इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट लिमिटेड ने लिया है।
कंपनी के प्रतिनिधि प्रभात टंडन और डॉ. केके चतुर्वेदी ने शुक्रवार को जयापुर गांव का दौरा कर वहां जैविक शौचालय के लिए स्थान का चयन किया।
उनके साथ भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता डा. विवेक विक्रम सिंह भी थे। प्रभात ने बताया कि बायो टायलेट तकनीक भारतीय रक्षा अनुसंधान द्वारा पेेटेंट की गई है। इस टायलेट के टैंक में इनाकुलम बैक्टीरिया पहले से ही रहते हैं।
यह टायलेट यूज होने के 48 घंटे के अंदर ही अपना काम करना शुरू कर देते हैं। इनाकुलम बैक्टीरिया मल को जल में बदलता है। जैविक शौचालय से निकलने वाला पानी फसलों की सिंचाई के काम आएगा।
डॉ. विवेक ने बताया कि बायो टायलेट सियाचिन, लद्दाख, अमरनाथ और कश्मीर के कई सुदूरवर्ती इलाकों में उपयोगी साबित हुए हैं। इस मौके पर जयापुर की प्रधान दुर्गावती देवी, उनके प्रतिनिधि नारायण पटेल, भाजपा जिलाध्यक्ष नागेंद्र रघुवंशी के अलावा टीपी सिंह, अजय सिंह, अरविंद कुमार आदि मौजूद थे।