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Cyber Crime: वाराणसी में सबसे बड़ा साइबर फ्रॉड, रिटायर्ड शिक्षिका से 3.5 करोड़ की धोखाधड़ी, दो टीमें करेंगी जांच

Wed, 13 Mar 2024 11:49 PM IST
अमन विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

Cyber Crime: सिगरा थाना क्षेत्र के रथयात्रा स्थित अमलनाथ अपार्टमेंट निवासी अशोक रक्षित की पत्नी शम्पा रक्षित सेंट जांस मड़ौली की रिटायर्ड शिक्षिका है। पीड़िता शम्पा रक्षित के अनुसार आठ मार्च की सुबह नौ बजे अनजान नंबर से कॉल आया। अपने को, वह टेलिकॉम रेगुलेटरी अथॉर्टी का बताया और कहा कि दो घंटे में आपका फोन बंद हो जाएगा। अभी आपके पास पुलिस का फोन आएगा। इसके बाद शातिरों ने धीरे-धीरे कर रिटायर्ड शिक्षिका के खाते से पैसे गायब कर दिए।
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सिगरा थाने में दर्ज हुआ मामला। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वाराणसी में सेंट जांस मड़ौली की रिटायर्ड शिक्षिका को गिरफ्तारी का भय दिखाकर साइबर जालसाजों ने तीन करोड़ 55 लाख रुपये की धोखाधड़ी की। स्काई एप डाउनलोड कराकर महिला के बैंक खाते को साइबर जालसाजों ने साफ कर दिया।

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बुधवार को पीड़िता की तहरीर के आधार पर साइबर क्राइम थाने की पुलिस ने मुकदमा दर्ज करते हुए दो टीमें गठित की है। बनारस में अब तक की सबसे बड़ी यह साइबर क्राइम की घटना बताई जा रही है। उधर, इस घटना के बाद से महिला समेत परिवार अवसाद में है।

सिगरा थाना क्षेत्र के रथयात्रा स्थित अमलनाथ अपार्टमेंट निवासी अशोक रक्षित की पत्नी शम्पा रक्षित सेंट जांस मड़ौली की रिटायर्ड शिक्षिका है। पीड़िता शम्पा रक्षित के अनुसार आठ मार्च की सुबह नौ बजे अनजान नंबर से कॉल आया। अपने को, वह टेलिकॉम रेगुलेटरी अथॉर्टी का बताया और कहा कि दो घंटे में आपका फोन बंद हो जाएगा। अभी आपके पास पुलिस का फोन आएगा।
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शम्पा के अनुसार, तुरंत फोन आया और कहा कि वह महाराष्ट्र के विले पार्ले पुलिस स्टेशन से विनय चौबे बात कर रहा है। एक दूसरा मोबाइल नंबर बताया और कहा कि यह मोबाइल नंबर आपके ने घाटकोपर से लिया है और इससे अवैध काम कर रही हैं। 

इस पर मैनें कहा कि यह मेरा नंबर नहीं है और मैं मुंबई में नहीं रहती हूं। फोन पर व्यक्ति ने कहा कि आपके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट है और आपको मुंबई स्थित विले पार्ले पुलिस स्टेशन आना पड़ेगा। इस पर व्यक्ति अपने सीनियर से बात कराने लगा और स्काई एप डाउनलोड कराया। वह भी गिरफ्तारी की धमकी देकर और घर के अंदर रहने और इस बारे में किसी से कुछ नहीं बताने को लेकर धमकाया गया। दबाव बनाकर परिवार का पूरा विवरण लिया और मेरे बैंक खाते का पूरा ब्यौरा चेक किया।

शम्पा ने पुलिस को बताया कि फोन पर व्यक्ति ने बैंक खाते के सभी रुपये को आरबीआई में डालने और जांच के बाद पैसे वापस आने का भरोसा दिया और कहा कि आपकी गिरफ्तारी नहीं होगी।

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चार्टर्ड एकाउंटेंट से साझा किया घटनाक्रम

इस बीच, खाता संख्या दिया, जिसमें मैनें 11 मार्च को तीन करोड़ रुपये आरटीजीएस कर दिया। इस बीच 12 मार्च को फिर फोन आया कि गिरफ्तारी से बचने के लिए खाते में शेष पैसा भी आरटीजीएस कर दें। 12 मार्च को दोबारा 55 लाख रुपये उनके बताए हुए बैंक खाते में आरटीजीएस कर दिया। इसके बाद अपने चार्टर्ड एकाउंटेंट से यह घटनाक्रम साझा की। तब मालूम चला कि मेरे साथ जालसाजी हो गईं।

साइबर क्राइम थाना प्रभारी विजय नारायण मिश्र ने बताया कि फोन पर किसी को भी बैंक खाता, यूपीआई, पिन आदि साझा नहीं करना चाहिए। साइबर जालसाज इस समय तरह-तरह के हथकंडे अपना कर लोगों की गाढ़ी कमाई लूटने में लगे हुए हैं। अनजान नंबर और अपरिचित किसी को भी बैंक संबंधी जानकारियां नहीं दें। साइबर क्राइम की घटना होने पर 24 घंटे के अंदर संबंधित थाने में शिकायत दर्ज कराएं।
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