यहां बता दें कि वाराणसी में 10 लाख से ज्यादा वाहन पंजीकृत हैं और इन सभी के स्वामी अपने पंजीयन प्रमाणपत्र में अपने परिवार या किसी भी नामिनी का नाम दर्ज करवा सकते हैं। इसके लिए उन्हें तय नियमों के अनुसार आवेदन करना होगा। पंजीयन प्रमाणपत्र पर नॉमिनी का ब्योरा डलवाने के बाद इससे वाहनों के हस्तांतरण के लिए लोगों को परेशान नहीं होना होगा।
दरअसल, पुराने वाहनों के पंजीयन प्रमाणपत्र पर नामिनी का नाम दर्ज नहीं होने के कारण इनके स्थानांतरण में वाहन स्वामी को कार्यालय में उपस्थित होना पड़ता है। कई बार वाहन स्वामी की मृत्यु के बाद उसके हस्तांतरण में बहुत समस्या आती है और लंबी कागजी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। मगर, नामिनी का नाम दर्ज होने के बाद इन समस्याओं से निजात मिल जाएगी।
एआरटीओ प्रशासन सर्वेश कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि शासन की ओर से पुराने वाहनों में भी नामिनी का नाम दर्ज करने के लिए आदेश आ गया है। पुराने पंजीयन प्रमाणपत्र में भी वाहन मालिक के साथ नामिनी का ब्योरा दर्ज किया जाएगा। नामिनी का नाम दर्ज करवाने वाले तय प्रपत्र पर आवेदन कर सकते हैं।