वाराणसी : सिंचाई कर्मी की हत्या के मामले में दो गिरफ्तार
बड़ागांव के चिमटहिया गांव में बेटी के घर बरामदे में सो रहे सिंचाई विभाग के कर्मी की लाठी से पीटकर हत्या मामले में दो आरोपियों को पुलिस ने लखंसीपुर मोड़ के पास से गिरफ्तार किया। दोनों के कब्जे से वारदात में शामिल लाठी भी बरामद हुई।
आरोपियों को जेल भेज दिया गया। आरोपियों की पहचान सोनपुरवां गांव निवासी रिंकू ऊर्फ नागेन्द्र और परमेश के रूप में हुई है। बड़ागांव थाने क्षेत्र के भरतपुर गांव निवासी जगन्नाथ पटेल 55 वर्ष जो जौनपुर के मछली शहर में सिंचाई विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी था।
कुछ दिनों पूर्व अपनी बेटी के ससुराल चिमटहिया आया था। सोमवार की रात साधोगंज बाजार में उनके दामाद विनोद और मनबढ़ों से विवाद हो गया था, जिसमें आसपास के लोगों ने बीच-बचाव किया था।
बाद में मनबढ़ों ने घर पर बरामदे में मुंह ढककर सो रहे जगन्नाथ पटेल की लाठी डंडे से पीटकर हत्या कर दी थी। पुत्र चंद्रमोहन की तहरीर पर हत्या का केस दर्ज किया गया था। प्रभारी निरीक्षक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर दबिश दे रही है।
जौनपुर : हत्यारोपियों के मकान पर नोटिस चस्पा
गौराबादशाहपुर थानाक्षेत्र के कबीरुद्दीनपुर गांव में बीते 30 अक्तूबर को जमीन विवाद में ताइक्वांडो खिलाड़ी अनुराग यादव की तलवार से गर्दन काटकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में बुधवार को राजस्व टीम ने आरोपी के बंजर भूमि पर बने मकान पर दर्ज बेदखली के मुकदमे का नोटिस चस्पा किया।
तहसीलदार सदर कोर्ट से राजस्वकर्मी केसी मौर्य और मनोज श्रीवास्तव कबीरुद्दीनपुर गांव पहुंचे और आरोपी लालता यादव के मकान पर नोटिस चस्पा किया। बंजर भूमि पर अवैध रूप से बनाए गए मकान पर तहसीलदार कोर्ट में बेदखली का मुकदमा दर्ज है। इस मौके पर प्रधान प्रतिनिधि वीरेंद्र यादव और लगभग 30 ग्रामीण भी मौजूद रहे। इस संदर्भ में तहसीलदार सदर सौरभ कुमार ने बताया कि बेदखली के मुकदमे का नोटिस चस्पा कर दिया गया है। आगे की कार्रवाई की जा रही है।
प्रयागराज : पेंशन व सेवानिवृत्ति लाभों को 18 तक खाते में डालें : हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा-आवेदकों की ओर से आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद महालेखाकार, प्रयागराज एक सप्ताह के भीतर पीपीओ नंबर जारी करेंगे। इसके बाद तीन दिनों के भीतर इसे मुख्य कोष अधिकारी, प्रयागराज को भेज देंगे। साथ ही मुख्य कोष अधिकारी 18 नवंबर 2024 तक आवेदकों को पेंशन और अन्य सेवानिवृत्ति बकाया जारी कर देंगे।
यह आदेश न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल ने राज नाथ सिंह व 14 अन्य की अवमानना याचिका पर याची के अधिवक्ता अभय श्रीवास्तव को सुनकर दिया। सोनभद्र स्थित यूपी सीमेंट कॉरपोरेशन के कर्मचारियों ने अवमानना याचिका दाखिल कर पेंशन व अन्य सेवानिवृत्ति लाभों की मांग की।
पूर्व के आदेश का पालन न करने पर न्यायालय ने के विजयेंद्र पांडियन आयुक्त उद्योग कानपुर, एसएमए रिजवी सचिव वित्त विभाग उप्र और रवींद्र कुमार निदेशक पेंशन उप्र को तलब किया था। सभी ने न्यायालय में उपस्थित होकर हलफनामा दाखिल कर कहा कि 22 अक्तूबर 2024 के आदेश के अनुसार आवेदकों को पेंशन लाभ स्वीकृत कर दिया गया है।
उचित प्रक्रिया में पेंशन महालेखाकार, यूपी प्रयागराज की ओर से वितरित की जानी है। न्यायालय ने कहा कि उम्मीद है कि 18 नवंबर 2024 तक आवेदकों को पेंशन और अन्य सेवानिवृत्ति बकाया जारी कर दिया जाएगा। सुनवाई के लिए 25 नवंबर की तिथि नियत की है।
मिर्जापुर : मझवां विधानसभा से सिर्फ एक बार मिला है महिला को प्रतिनिधित्व
मझवां विधानसभा सीट से केवल एक बार ही महिला को प्रतिनिधित्व मिला है। यह दूसरा मौका है जब भाजपा व सपा के पास इतिहास बनाने का मौका है। उपचुनाव भाजपा ने शुचिस्मिता मौर्य को दूसरी बार विधायक बनाने के लिए मैदान में उतारा है, जबकि सपा की ज्योति बिंद पहली बार चुनाव मैदान में हैं। मझवां विधानसभा उपचुनाव में महिला मतदाताओं का मत निर्णायक साबित हो सकता है।
मझवां विधानसभा क्षेत्र में कुल 399259 मतदाता हैं। इसमें महिला मतदाताओं की संख्या 188136 है, जबकि पुरुष मतदाताओं की संख्या 211105 हैं। उपचुनाव में महिला मतदाताओं का रुझान निर्णायक साबित हो सकता है। हालांकि इस सीट पर शुचिस्मिता मौर्य पहली बार 2017 के चुनाव में विधायक चुनी गई थीं। इससे पहले कोई महिला विधायक इस सीट से नहीं चुनी गई।
2017 के विधानसभा चुनाव में बसपा के डॉ.रमेश चंद बिंद को हराकर भाजपा की सुचिस्मिता मौर्य ने इस सीट पर जीत दर्ज की थी। वर्ष 2022 में हुए विधानसभा चुनाव यह सीट एनडीए के निषाद पार्टी के खाते में चली गई।
निषाद पार्टी के डाॅ. विनोद बिंद ने बसपा के रमेश चंद बिंद को हराकर जीत दर्ज की थी। इससे पहले मझवां विधानसभा सीट पर पहली बार 1952 में कांग्रेस के बेचन राम विधायक बने। वे 1957 और 1960 में जीतने के बाद लगातार तीन बार विधायक रहे।
इसके बाद 1962 में भारतीय जनसंघ के राम किशुन विधायक चुने गए। 1967 और 1969 में कांग्रेस के बेचन राम फिर से विधायक बने। भाजपा ने 1996 में पहली बार इस सीट पर जीत हासिल की थी। तब पार्टी प्रत्याशी रामचंद्र मौर्य चुनाव जीत कर विधायक बने थे। इसके बाद यह सीट 2002 से लेकर 2017 तक बसपा के कब्जे में रही। बसपा के डॉ. रमेश चंद बिंद लगातार 2002 व 2007 और 2012 में विधानसभा चुनाव में जीत हासिल कर मझवां से विधायक बने।
मझवां विधानसभा सीट पर सबसे अधिक आठ बार कांग्रेस का कब्जा रहा। इसके बाद पांच बार बसपा और दो बार भाजपा का कब्जा रहा है। सपा यह सीट कभी नहीं जीत पाई है। इस बार यह सीट सपा और भाजपा दोनों के लिए प्रतिष्ठा की सीट बन गई है।
सोनभद्र : 18 महीने पहले प्रशासन ने मार दिया था, थमीं सांसें
सरकारी मदद की आस में वृद्ध की सांसें बुधवार को थम गईं। करीब 18 माह पहले चिल्काडांड़ ग्राम पंचायत के 70 साल के वृद्ध को मृत बताकर उसकी वृद्धा पेंशन रोक दी गई थी। राशन भी बंद कर दिया गया था। मौत और की जानकारी होने पर क्षेत्र के लोग व्यवस्था के साथ जनता के नुमाइंदों को कोसते रहे। स्थिति ऐसी बनी कि कुछ लोग आगे आए तब मृतक का अंतिम संस्कार संभव हो सका। पेंशन बंद होने का मामला अक्तूबर में उजागर हुआ था।
इसकी शिकायत वृद्ध कांता पांडेय ने सरकार के पोर्टल पर की। इस पर कोई सुनवाई नहीं हुई। शिकायत में वृद्ध ने जिंदा होने के सबूत के साथ यह बताया था कि उसकी पेंशन 18 माह से बंद है।
इस मामले में कई बार उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया लेकिन ना तो निराकरण हुआ न ही बंद पेंशन शुरू हो पाई। यह प्रकरण सोशल मीडिया पर भी बीते दिनों छाया रहा। इन सबके बावजूद असहाय वृद्ध जीविकोपार्जन व पैसे के अभाव में इलाज के लिए के लिए भटकता रहा। बुधवार को सुबह कांता पांडेय की अचानक तबीयत बिगड़ी और मौत हो गई।